Black Fungus
File Photo

    यवतमाल. राज्य में कोरोना के मरीजों की वजह से ब्लैक फंगस से पीड़ित डेढ़ हजार से ज्यादा मरीज हैं. इनमें से कई की इसमें मौत हो चुकी है. मृत्यु सूची में अब यवतमाल का नाम जुड़ गया है. ब्लैक फंगस से 60 वर्षीय महिला मरीज की सोमवार को मौत हो गई है.

    अलग वार्ड का किया जाएगा निर्माण

    मेडिकल कालेज से मिली जानकारी के अनुसार बताया कि यवतमाल में ब्लैक फंगस के 3 मरीज थे. 60 वर्षीय महिला मरीज की मौत हो गई. एक का इलाज चल रहा है. दूसरे को छुट्टी दे दी गई. हालांकि, जिला सर्जन कार्यालय का अनुमान है कि जिले में ब्लैक फंगस के 7-8 मरीज हैं. रोग अनियंत्रित मधुमेह, कैंसर, रक्ताल्पता और स्टेराइड के अत्यधिक उपयोग के कारण होता है. कोरोनाबाधित मरीज को स्टेराइड दवा दी जाती है. मेडिकल कालेज ने स्पष्ट किया है कि यदि राशि अधिक है और ब्लैक फंगस विकसित होने की संभावना है. इस बीमारी के संभावित मरीजों की संख्या को देखते हुए मेडिकल कालेज में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाने की योजना बना रहा है.

    सीटी स्कैन करने के बाद खुलासा

    जिले के वणी तहसील में भी 1 मरीज मिला है. उसे आगे के इलाज के लिए यवतमाल के वसंतराव नाइक शासकीय मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मरीज 65 वर्ष का है. झरी तहसील के बोपापुर इलाके का निवासी है. उन्हें कोरोना का पता चलने के बाद वणी के ट्रामा केयर सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. उन्हें 9 मई को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई थी. वणी के सरकारी अस्पताल में लौट आए. सीटी स्कैन ने ब्लैक फंगस की शुरुआत का खुलासा किया. उन्हें यवतमाल स्थानांतरित कर दिया गया.