DM Vaccination

    यवतमाल. पिछले एक पखवाड़े में जिले में कोरोनाबाधित मरीजों की मौत की संख्या में काफी वृद्धि हुई है. इनमें से अधिकांश मौतों की औसत आयु 60 वर्ष से अधिक है. 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के टीकाकरण को प्राथमिकता और परीक्षण पर भी ध्यान दें. ऐसे निर्देश जिलाधिकारी एम. देवेंदर सिंह ने दिए. जिलाधिकारी कार्यालय से वीसी के माध्यम से तहसील स्तर की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बोल रहे थे.

    93 केंद्रों पर टीकाकरण

    वर्तमान में जिले में 93 केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है. जिलाधिकारी सिंह ने कहा कि ‘टीकाकरण की गति बहुत धीमी है’. प्रत्येक केंद्र से प्रतिदिन कम से कम 100 इस तरह कुल 9300 लोगों के टीकाकरण की उम्मीद है. वर्तमान में टीकाकरण की संख्या केवल 2600 से 2700 है, जो एक बहुत ही गंभीर है. सरकार ने अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण करने का निर्देश दिया है. इसलिए टीकाकरण में तेजी लाएं. केवल 70 से 75 प्रतिशत फ्रंट लाइन श्रमिकों को टीका लगाया गया है.

    भारत सरकार से केवल 10 से 15 फीसदी नागरिकों को ही होम क्वारंटाइन में रखने के सुझाव हैं. दूसरों को कोविड देखभाल केंद्र, कोविड स्वास्थ्य केंद्र और आइसोलेशन कक्ष में रखा जाना चाहिए. 

    प्रत्येक तहसील को काटैक्ट ट्रेसिंग डेटा को सावधानीपूर्वक भरना चाहिए. किसी भी स्थिति में तहसील को दिए गए उद्देश्य को पूरा करना तहसील स्तर प्रणाली की जिम्मेदारी है. 

    10 दिनों में हर दिन की 5,000 की जांच

    पिछले 10 दिनों में जिले में प्रतिदिन कम से कम पांच हज़ार नमूनों का परीक्षण किया गया, जो अच्छी बात है. अगले कुछ दिनों तक इसी मात्रा को बनाए रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिले की सकारात्मकता को कम करने में मदद मिलेगी. इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पांचाल ने कहा, ‘सभी को जांचने की जरूरत है.’ सारी रोगियों को कम करना और हाय रिस्क ट्रेसिंग को बढ़ाना प्राथमिकता है. टीकाकरण पर तहसील स्तर की टास्क फोर्स अभी तक कोई मीटिंग नहीं हुई है. 45 और 60 की उम्र के बीच को-मॉरबिड लोगों का पता लगाएं. साथ ही, 60 वर्ष से अधिक आयु के कई नागरिकों का टीकाकरण करना चाहिए.

    मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. श्रीकृष्ण पांचाल, जिला पुलिस अधीक्षक डा. दिलीप पाटिल भुजबल, आरडीसी ललित कुमार व-हाडे, जिला सर्जन डॉ. तरंगतुषार वारे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरि पवार के साथ ही उप-विभागीय अधिकारी, तहसीलदार, तहसील स्वास्थ्य अधिकारी, न.प. मुख्याधिकारी भी मौजूद थे.