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  • कई बैंकों में संपत्ति गिरवी रखकर लिया कर्ज

वणी. रंगनाथ स्वामी नागरी सहकारी पतसंस्था की 97 लाख रुपए से ठगी करने के मामले में वणी के दवा व्यापारी व उसके पत्नी पर वणी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. रविंद्र दामोधर येरणे व रुपाली रवींद्र येरणे दंपति के खिलाफ मामला दर्ज किया है. वणी के रवींद्र दामोधर येरणे ने दवा खरीदी के लिए तो उनकी पत्नी रुपाली रवींद्र येरणे ने कोचिंग व ट्रेडिंग व्यवसाय के लिए 2013 में रंगनाथ स्वामी सहकारी नगरी पतसंस्था की वणी शाखा से 25-25 लाख रुपये का कर्ज मांगा था.

अनामत के रूप में येरणे दंपति ने मौजा लालगुड तहसील वणी की 2.28 हेआर खेतजमीन रंगनाथ स्वामी पतसंस्था की ओर गिरवी रखी थी. शुरुआत में कुछ ऋण की कुछ किश्तों का भुगतान करने के बाद दंपति ने किश्तों का भुगतान करना बंद कर दिया. रंगनाथ स्वामी पतसंस्थान कर्ज वसूली विभाग ने येरणे दंपति को कई नोटिस जारी किए, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

संपत्ति अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

आखिरकार पतसंस्था ने कर्ज की वसूली के लिए गिरवी रखी गई. संपत्ति का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू की. सहकार अधिकारियों को जानकारी मिली कि कर्जदार येरणे दंपति ने संस्था की ओर गिरवी रखी मौजा लालगुडा के 2.29 हेक्टेयर खेतजमीन फर्जी दस्तावेज बनाकर व अन्य 2 बैंकों व 1 फायनान्स कंपनी की ओर गिरवी रखकर कर्ज उठाया है. कर्जदार से कुल मूलधन और ब्याज 97 लाख 11 हजार 78 रुपये पतसंस्था को वसूलना है.

पतसंस्था के साथ धोखाधड़ी से रंगनाथ स्वामी सहकारी नागरी पतसंस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेघाशम बलीराम तांबेकर निवासी वणी ने 26 अप्रैल 2021 को कर्जदार दंपति के खिलाफ पतसंस्था के धोखाधड़ी करने की शिकायत वणी पुलिस थाने में दर्ज की. पुलिस ने आरोपी रवींद्र दामोधर येरणे व रुपाली रवींद्र येरणे निवासी वणी के खिलाफ भादंवि की धारा 420, 465, 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रहे हैं. मामले की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी संजय पुजलवार व थानेदार वैभव जाधव के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षिक शिवाजी टिपूर्णे कर रहे हैं.