नेर के यूनियन बैंक में किसान के साथ धोखाधड़ी

  • किसान के खाते पर परस्पर कर्ज निकालकर पैसा गायब…

नेर. शहर के युनियन बैंक में एक किसान के खाते से परस्पर कर्जा निकालकर राशि विड्राल करके धोखाधडी का मामला उजागर हुआ है. यह पता चला है कि वटफली निवासी लक्ष्मणराव देमाजी जोंधले का नेर में यूनियन बैंक का खातेदार है. इस किसान ने किसी भी प्रकार का कर्जे के लिए आवेदन किया नहीं था, फिर भी उनके नाम से कर्ज 41 हजार कर्ज मंजूर हुआ. उन्हें इस बात का पता भी नहीं था. गर्मी के दिनों 9 मार्च 2020 को 41 हजार रुपए का कर्जा खरीफ मौसम के लिए खेती में बुआई करने के लिए मंजूर किया गया.

बुआई का मौसम ना होते हुए भी मार्च माह में कर्जा कैसा मंजूर हुआ? यह सवाल किसान को पडा है. जुन माह में बैंक के चक्कर लगाकर भी कर्जा नहीं मिलता और भ्रष्ट्राचार करना ही था, मार्च माह में कर्जा उपलब्ध कराना, यह बडी आर्श्चयजनक घटना नेर के युनियन बैंक घटी है. किसान जोंधले को मार्च माह में कर्ज मिला, अगर उन पर पिछला बकाया रहता तो कर्जा नहीं मिलता, लेकिन जोंधले को 9 मार्च 2020 को कर्जा मिला, जिसके पश्चात अगले छह माह में 30 सितंबर 2020 को महात्मा ज्योतिबा फुले शेतकरी कर्ज योजना के तहत जोंधले के बचत खाते पर 68 हजार रुपए जुमा हो गए, अगर जोंधले को मार्च माह में कर्ज कैसे दिया गया? यह भी बडा सवाल है.

किसान के नाम पर 40 हजार कर्जा रहते हुए 6 महीने में उन्हें 68 हजार की कर्ज माफी कैसे मिली? जब उन्हें 40 हजार रुपए का कर्ज दिया और 40 हजार रुपए का पुराना कर्ज लेने पर बैंक ने कैसे आपसी ऋण काट लिया.  अगर पुराने 40 हजार का कर्ज लिया तो बैंक ने 68 हजार कैसे काटे? किसान लक्ष्मण जोंधले इस दुविधा में हैं कि बैंक ने 68,000 रुपये क्यों काटे हैं. किसान विकलांग है और पति-पत्नी दोनों एक-एक रुपये की भीख मांग रहे हैं. इस मामले में युनियन बैंक के व्यवस्थापक से पूछताछ करने पर उन्होंने जानकारी देने से मना किया और पुलिस थाने में जाकर पूछो, ऐसा जवाब दिया.

इस मामले में युवा एल्गार संगठन के अध्यक्ष धनंजय वानखड़े ने बैंक के मामले के बारे में पूछताछ की, तो जोंधले ने बताया कि उन्होंने बैंक को कोई आवेदन नहीं किया था. और बैंक से पैसे भी विड्राल नहीं किए थे. बैंक में किसान के नाम का सात-बारह आठ-अ नहीं मिला, साथ ही एक नकली आवेदन मिला, वह भी पूरी तरह से कोरा था, जिसमें दो स्टैंप दिखाई दिए. संबंधित बैंक अधिकारी को लेकर पुलिस थाने में ले जाने पर इस मामले की जांचपडताल के बाद बैंक के अधिकारी व पुलिस प्रशासन किसान और उनके पत्नी को पागल समझ रहें है. इस मामले में गहराई से जांच करने की मांग संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग युवा एल्गार संगठन द्वारा की गई है.