हाथरस मामला : बहुजन क्रांती मोर्चा का पुसद में जेलभरो आंदोलन

पुसद. बहुजन क्रांती मोर्चा पुसद और अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा हाथरस में हुए बलात्कार तथा हत्याकांड साथही बलरामपुर, बांदा, आजमगड, दरभंगा, खरगौन आदि जगह बहुजन समाज की लडकीयों पर हुए अत्याचार, हत्या मामले के विरोध में जेलभरो आंदोलन किया गया.

उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन आरोपी को संरक्षण दे रहे है ऐसा आरोप भी बहुजन क्रांती मोर्चा पुसद ने किया. केंद्र सरकार किसान, मजदुरों के विरोध में अध्यादेश निकाल रही है. सरकार द्वारा विद्युत विभाग, बीएसएनएल, रेल्वे, आदी 29 सरकारी विभाग का नीजीकरण कर बहुजन समाज को संवैधानिक हक्क अधिकार से वंचित कर रही है.

इस का भी विरोध इस आंदोलन के माध्यम से किया गया. पीडित परिवार को एक करोड रु. की आर्थिक सहायता, संरक्षण, एक सरकारी नोकरी और घर देने की मांग की गई. पुलिस ने सभी आंदोलनकारीयों को हिरासत में लेकर छो दिया. उपविभागीय दंडाधिकारी पुसद के माध्यम से राष्ट्रपती को ज्ञापन भेजा गया.

इस समय गणपत गव्हाले, अयुब खान तहसिन, पुंजाराम हटकरे, सुभाष धुलधुले, विद्वान केवटे, लक्ष्मण कांबले, राजेश ढोले, किशोर नगारे, पुंडलिक तलवारे, वर्षा देवसरकर, अर्चना खंदारे, वैशाली कांबले,स्वाती लोणकर, उषा धुलेधुले, अशोकबाबा उंटवाल, सै. सिद्दिकोद्दीन, तिलक नायक, विजय पवार, विजय सोनवाल, रवी आडे, बंडू गंगावणे, प्रह्लाद सवंगडे, अमन नकवाल, समाधान पंडागले, संतोष ढगे, भिमराव पाईकराव, प्रमोद ढगे, गौतम पडघणे, संघपाल पाईकराव, ज्ञानेश्वर मेटकर, वसंत वाघमारे, भास्कर कांबले, शाहीर वाघमारे,संतोष पडघणे, संतोष दवणे, विकास गावंडे, सूर्यभान मोरे, पांडुरंग उचित, सचिन मुजमुले, प्रमोद सावळे, रमेश कांबले सुनील डोंगरे, अंकित खिल्लारे, सिताराम राठोड, सुभाष गायकवाड, एम. सी. जोगदंडे, आदी उपस्थित थे.