कोरोना की दूसरी लहर के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार

  • कोविड-19 दूसरी लहर को लेकर सावधानी बरतने की अपील

यवतमाल. कोरोना की दूसरी लहर दुनिया भर में हुई है. देश के प्रमुख शहरों में हालात बिगडते जा रहें है, संक्रमण का खतरा है. इसे देखते हुए सरकार ने भी जिलों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई उपाय किए जा रहें है. जिले में गत 24 घंटों में एक कोरोनबाधित की मौत 120 नये पाजिटिव मरीज मिले है. तथा अबतक कुल पाजिटिव मरीजों की संख्या 11235 तो कोरोनामुक्त होनेवालों की कुल संख्या 10442 हो गई है. जिले में अबतक कुल 368 कोरोनाबाधितों की मौत हुई है. यवतमाल में दिन-ब-दिन कोरोनाबाधितों का आंकडा बढ रहा है. प्रतिदिन के पाजिटिव आंकडे ने अब सैकडा पार किया है. 

जिले में मरीजों के लिए 4 हजार बेड उपलब्ध हैं. ‘मेरे परिवार मेरे उत्तरदायित्व’ अभियान ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके अनुसार उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी. जिले में ऐसे 35 हजार मरीज हैं, उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को सौंपी गई हैं. उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार है या नहीं की जाँच करनी होगी. उनका तुरंत इलाज किया जाएगा. इसके कारण प्रशासन रोगियों की संख्या को नियंत्रित करने में सफल होगा. जिले का समग्र स्वास्थ्य विभाग कोरोना की दूसरी लहर के लिए तैयार है. इसके लिए, 1600 कर्मचारियों की योजना बनाई गई है.

जरूरत पड़ने पर अन्य सेवाओं पर ब्रेक लगाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मुख्यालय बुलाया जाएगा. जिला स्वास्थ्य विभाग में इलाज के लिए 660 बेड हैं. वही जिला सर्जन कार्यालय ने 3656 अधिक बेड उपलब्ध कराए हैं. फिलहाल 94 बेड पर मरीजों का इलाज चल रहा है. आवश्यकतानुसार बेड उपलब्ध हैं. जिला प्रशासन को आवश्यकता पड़ने पर निजी अस्पतालों में बेड हासिल करने का अधिकार है.

वर्तमान में प्रतिदिन एक हजार कोरोना का परीक्षण किया जा रहा है और परीक्षण के लिए 65 हजार एंटीजन किट की आपूर्ति की गई है. इससे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों और सकारात्मक रोगियों के संपर्क में आने वाले नागरिकों की समय पर जांच हो सकेगी. केंद्र और राज्य सरकारों ने कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए जिला प्रशासन को तैयार रहने के लिए सूचित किया है.

जिला प्रशासन पहले से ही 150 ऑक्सीजन सिलेंडर, 60 एम्बुलेंस तैयार कोरोना की दूसरी लहर की संभावना को देखते हुए निवारक उपायों पर जोर दे रहा है. एम्बुलेंस को तैयार रखा गया है ताकि संपर्क का पता चलते ही संक्रमित को अस्पताल पहुंचाया जा सके. गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए 150 ऑक्सीजन सिलेंडर तैयार किए गए हैं. यवतमाल जिले में 17 कोविड केंद्र कार्यान्वित किए है जहां सभी कर्मचारियों को तैनात किया गया है. कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता से जुटा है.