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  • नागरिकों को सताने लगी चिंता

महागांव. जिलेटीन जैसे काफी खतरनाक विस्फोटकों का इन दिनों तहसील में उपयोग बढ़ चुका है, लेकिन जिलेटीन के संग्रह पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है. जिससे तहसील के 5 गांवों को इन विस्फोटकों से खतरा निर्माण हो चुका है. अन्य गांवों में भी इसका इस्तेमाल बढ़ा है. हजारों नागरिकों की जान खतरे में आने की आशंका जतायी जा रही है. महागांव शहर के जनुना, फुलसावंगी, काली दौलत, हिवरा,धनोडा, गुंज आणि मुडाणा, खडका में जिलेटीन का अवैध संग्रह कर रखा गया है. महागांव से पुसद, उमरखेड, माहूर, ढाणकी तक जिलेटीन के माल की आपूर्ति की जा रही है.

क्षेत्र में खदानों और निजी कुंओं को फोड़ने के कामों में जिलेटीन का इस्तेमाल होने से इसकी महागांव, जनुना से आपूर्ति होने की जानकारी चर्चा के दौरान सामने आयी है. फुलसावंगी से आगे पांच किलोमिटर अंतर से पैनगंगा अभ्यारण्य की सीमा लगती है. इसी मार्ग से इन जिलेटीन विस्फोटकों की ढुलाई आदिलाबाद, किनवट मार्ग से लेकर फुलसावंगी, महागाव रास्ते पर हमेशा होती रहती है.

बताया जाता है की महागांव, पुसद, ग्रामीण थानाक्षेत्र के तहत आनेवाले गांवों में आपूर्तिकर्ताओं द्वारा जिलेटीन का संग्रह रचाकर रखा जाता है, आपूर्ति करनेवाले वाहन दिन निकलने के पहले निकलते है, और रात के दौरान इस जिलेटीन विस्फोट छड़ियों को उतारा जाता है. 

वन्यप्राणीयों के शिकार के लिए भी जिलेटीन की छड़ियों का इस्तेमाल होता है. विशेष कर जंगली सुअर खेतों में घुस आने से खेतों में रात के दौरान जागरन करनेवाले किसानों में इन विस्फोटकों की आवाज से दहशत बैठ चुकी है. आज तक एक भी जिलेटीन का अवैध संग्रह पुलिस अथवा राजस्व विभाग के हाथ नहीं लग पाया है. जबकि स्थानीय प्रशासन को इसे मौन साधकर समर्थन देकर यह सभी मामलें चलने की चर्चा दबी आवाज में हो रही है. जिससे प्रशासन ने इस अवैध संग्रह की खोज कर कार्रवाई की मांग नागरिकों की ओर से की जा रही है.