RATHORE

यवतमाल. जिले में लगातार बारिश के कारण बडी संख्या में फसलों को नुकसान हुआ है. पालकमंत्री संजय राठोड ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग को निर्देश दिए है कि वे क्षतिग्रस्त फसलों के पंचनामे कर सरकार को तुरंत एक रिपोर्ट पेश करें. जून को छोडकर जुलाई, अगस्त और सितंबर में जिले में अच्छी वर्षा हुई.

बुवाई के बाद बारिश के कारण फसल की स्थिति अच्छी रही. हालांकि, फसल के निकासी के समय लागातार बारिश से फसल खराब होने की स्थिति में है. सोयाबीन की फली में अंकुर फूटे तो कपास की फसल प्रभावित हुई है. जिसका परीणाम उत्पाद पर होनेवाला है. इसलिए, किसानों को तत्काल राहत प्रदान करना आवश्यक है, क्योंकि लगातार बारिश के कारण उनकी खडी फसल बर्बाद हो गई है.

जिसके तहत राजस्व विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण स्तर की प्रणाली को तुरंत क्षतिग्रस्त फसलों की जांच करनी चाहिए, जिसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए, ऐसे निर्देश पालकमंत्री ने दिए. लगातार हो रही बारिश से कई नदियां और नाले बह गए हैं, जिससे फसले बर्बाद हो गई हैं. साथ ही, किसानों के खेतों में पानी रुकने के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है. सोयाबीन की फसल कटाई पर आने के बाद पौंधो के फली को अंकुर फूटने लगी और कपास के बोंड भी सडने लगी है. जिले में कुल बुआई योग्य क्षेत्र 8 लाख 97 हजार 370 हेक्टर होकर सोयाबीन 2 लाख 81 हजार 673 हेक्टर तो कपास 4 लाख 65 हजार 562 हेक्टेयर पर बुआई की गई है.