किसान आत्महत्या परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान करने के निर्देश

  • जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा

यवतमाल. आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को निर्वाह का साधन उपलब्ध कराया जाना चाहिए. जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह की अवधारणा के साथ ‘मिशन उभारी’ नामक एक अभिनव परियोजना चलाई जा रही है. इसके तहत, हर हफ्ते आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को जिलाधिकारी कार्यालय में आमने-सामने की बैठक के लिए बुलाया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार क्या मांग करता है. साथ ही, जिला स्तरीय समिति सत्यापित करती है कि कौन सी योजना उन्हें लाभ दे सकती है. इसके तहत जिलाधिकारी ने संबंधित यंत्रणा को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आत्महत्या करने वाले किसान परिवार को लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए.

सोमवार को कलक्ट्रेट कार्यालय में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में नौ मामलों की समीक्षा की गई. पात्र-अपात्र मामलों में लाभ देने के संबंध में कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति में निर्णय लिया गया. संबंधित परिवारों को संजय गांधी निराधार योजना में शामिल करने के लिए, संबंधित नायब तहसीलदार को एक सप्ताह के भीतर दस्तावेजों को पूरा करना चाहिए. इसके लिए ग्राम स्तर की व्यवस्था को स्वयं पहल करनी चाहिए. बस परिवार की प्रतीक्षा न करें. उन्होंने सुझाव दिया कि एक योजना पर काम किया जाए कि कैसे उन तक जल्दी से पहुंचा जाए.

साथ ही, दुधारू गाय, भैंस, बकरी आदि की आत्महत्या परिवार से बहुत मांग है. पशुपालन विभाग को इस संबंध में योजना बनानी चाहिए. इस समय, कुछ लोगों को नरेगा के तहत कुएं की मरम्मत का लाभ दिया जाना चाहिए और परिवार में बिमार व्यक्ति की पूरी स्वास्थ्य जांच की जानी चाहिए और बकरियों का लाभ प्रदान करें. यदि वन्यजीव आत्महत्या करने वाले परिवार के किसानों की कृषि उपज के लिए एक उपद्रव है, तो खेत को पांढरकवडा और पुसद के साथ-साथ वन विभाग के माध्यम से एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना के माध्यम कपांउड करने का नियोजन करने की सूचना भी जिलाधिकारी दी.

बैठक में सहायक जिलाधिकारी तथा पांढरकवडा उपविभागीय अधिकारी विवेक जान्सन, निवासी उपजिलाधिकारी ललितकुमार व-हाडे, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. तरंगतुषार वारे, जिला आरोग्य अधिकारी डा. हरी पवार, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद गुडधे, उपजिला निबंधक रमेश कटके, एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारी आत्माराम धाबे, पशुसंवर्धन उपायुक्त डा. रामटेके, कृषी विभाग के देवानंद खांदवे, जिला अग्रणी बैंके के सचिन नारायणे आदि समेत संबंधित गांव के नायब तहसीलदार, मंडल अधिकारी, पटवारी, पुलिस पाटिल आदि उपस्थित थे.