किसान और श्रमिकों के हित के लिए किसान सभा की तहसील पर दस्तक

महागांव. महागाव तहसील किसान सभा एवं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से किसान व श्रमिकों के हित में विभिन्न मांगों के लिए शुक्रवार को तहसील कार्यालय पर मोर्चा निकाला गया. यह मोर्चा कॉम्रेड एड. डी.बी. नाईक के नेतृत्व में सैकडों कार्यकर्ता, किसान व श्रमिक उपस्थित थे.

केंद्र सरकार ने तीन किसान विरोधी कानून पारित किए हैं, जिन्हें तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए. सरकार को श्रमिकों के हित में 29 कानूनों को फिर से लागू करना चाहिए, देश में निजीकरण की नीति को रद्द करना चाहिए, किसानों को महागांव तालुका में भारी बारिश के कारण 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाना चाहिए, 30 प्रतिशत फसल की पैसेवारी घोषित की जानी चाहिए और सूखा राहत देने और बिजली लाडशेंडींग बंद कर किसानों को 24  घंटे बिजली प्रदान करने आदि समेत विविध मांगे तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में की गई. 

तहसीलदार नामदेव इसलक ने आश्वासन दिया कि 4 दिसंबर को सभी विभागों की बैठक बुलाकर मांगों को पूरा किया जाएगा.

इस आंदोलन में कॉ.डी.बी. नाईक, देवीदास मोहकर, अर्जुन राठोड, दिपक देशमुख, हेमंत पांडे, परशराम जाधव, गणेश तिघलवाड, पांडुरंग मुडे,कैलास राठोड, ताराचंद चव्हाण, मुरलीधर पवार, रमेश जाधव, ईसाकभाई, संतोष पाटील,नायबराव देशमुख, प्रकाश ढगे, किरण आडे, रमेश पवार, सुनील पवार, अविनाश पाटील, बाबुलाल आडे, अवधूत राजने, रामराव जाधव, शिवाजी राठोड,प्रल्हाद राठोड व सैकडों कार्यकर्ता उपस्थित थे.