कंगना की तरह यवतमाल की पूनम  भी मिलना चाहती है राज्यपाल से

यवतमाल. महाराष्ट्र सहित पूरा देश एक कोरोना संकट का सामना कर रहा है. इस कोरोना संकट के दौरान भी, आपने राज्य में राजनेताओं और कलाकारों को अपना कीमती समय देकर चर्चा की. समस्याओं के बारे में सीधे सवाल किए.  इसी तरह, महाराष्ट्र में किसान और बहुत सारे छात्रों की समस्याएं हैं.  इस वजह से कंगना राणावत की तरह  किसान को भी समय दे. यवतमाल के किसान की बेटी पूनम ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से अनुरोध किया कि वे उसे चर्चा के लिए समय दें. यह मांग उसने एक लिखित पत्र में की है.

यवतमाल जिले के पांढरकवडा के एक किसान की बेटी पूनम ने राज्यपाल को पत्र लिखकर किसानों की समस्याओं के बारे में जानकारी दी है. पत्र में उसने लिखा, बडी समस्या यह थी कि कोरोना के दौरान सभी को अनाज मिले गा या नही, लेकिन किसानों की वजह से पुरे देश को अनाज की किल्ल्त महसुस नही हुई. देश कोरोना के कारण होनेवाले संकट से पुनर्निर्माण करना चाहता है. यह काम केवल  किसान ही कर सकते हैं.

लेकिन इसके लिए पहले किसान का उत्थान आवश्यक है. इसके लिए, महाराष्ट्र सरकार ने 2 लाख रुपये तक की कुल ऋण माफी देकर अपनी पूरी कोशिश की है.  लेकिन केंद्र सरकार को भी किसानों के उत्थान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. पूनम ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा 2 लाख रुपये तक का पूरा कर्ज माफ करने के बाद, अब केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अगला कर्ज माफ करे.