Toll Plaza Jam, Pandhakawda, Yavatmal

    पांढरकवड़ा. सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से महामार्ग का उपयोग करने वाले वाहन चालकों के लिए फास्टैग की नीति तय की है. इसके अनुसार फास्टैग लगाना अनिवार्य है क्योंकि फास्टैग के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल का भुगतान किया जा रहा है. इसलिए ड्राइवरों को उम्मीद थी कि टोल प्लाजा पर समय की बचत होगी और उन्हें कतारों से छुटकारा मिलेगा. लेकिन फास्टैग के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 पर पांढरकवड़ा के पास टोल नाके पर वाहनों की एक बड़ी भीड़ देखी जाती है. मालवाहक ट्रकों को यहां पर घंटों इंतजार करना पड़ता है.

    कोरोना वायरस का संकट बढ़ रहा है. एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं रोज़ाना मार्ग का इस्तेमाल करती हैं लेकिन टोल प्लाजा के दोनों किनारों पर मालवाहक ट्रकों को रोक दिया जाता है, जिससे एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन फंस जाते हैं. इस टैग को वाहनों के विंडस्क्रीन पर चिपका दिया जाता है. इस टैग के माध्यम से सरकार लोगों की प्रवृत्ति को नकद लेनदेन के बजाय आनलाइन टोल का भुगतान करने के लिए की कोशिश कर रही है.

    फास्टैग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे टोल प्लाजा पर भीड़ कम हो जाएगी. वाहन चालकों को बिना रुके और यात्रियों के समय को बचाने के लिए टोल प्लाजा को पार करने की उम्मीद थी. लेकिन फास्टैग के बावजूद टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार देखी जा सकती हैं. टोल प्लाजा पर संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते टोल प्लाजा पर उचित योजना नहीं होने के कारण ट्रकों और छोटे वाहनों की लंबी कतारें अनावश्यक असुविधा का कारण बन रही हैं और एम्बुलेंसों को लंबे समय तक टोल प्लाजा पर इंतजार करना पड़ता है.