Sri Jagdamba Temple, Pandharkawda, Yavatmal

पांढरकवडा. सरकार ने कोरोना महामारी संक्रमण के चलते किसी भी धार्मिक स्थल को श्रद्धालूओं के लिए खुले रखने की अनुमति नहीं दी है. पांढरकवडा से 5 कि.मी. दूरी पर स्थित केलापुर मां जगदंबा संस्था में इस साल नवरात्र उत्सव बहुत ही सरल होगा, यह बात संस्था के अध्यक्ष शंकर बडे ने दी.

केलापुर की मां जगदंबा देवी का नवरात्रा उत्सव में यवतमाल जिले समेत विदर्भ, मराठवाडा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व दिल्ली के लाखों श्रद्धालूओं अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए यहां दर्शन के लिए आते है.

लेकिन इसवर्ष बिना श्रद्धालूओं के सरल और सादगी से नवरात्रत्सव सरकार के मानदंडों के अनुसार सुबह-शाम पुजा-अर्चना केवल संस्था द्वारा किया जाएगा, ऐसी जानकारी विश्वस्त मंडल ने स्पष्ट की है. साथ ही कोई भी धार्मिक आयोजन या मेले नहीं होंगे.

संगठन ने श्रद्धालूओं के लिए दो वक्त की पुजा-अर्चना टेलीविजन चैनल द्वारा सीधा प्रसारण की सुविधा उपलब्ध कराई है. जिससे श्रद्धालू अपने घर में रहकर पूजा और दर्शन लेने का आवाह‍्न संस्था की ओर से किया गया है.

कोरोना का बढता संक्रमण को देखते हुए और श्रद्धालूओं की भीड से बचने के लिए नवरात्रत्सव सिर्फ विश्वस्त मंडल द्वारा मनाया जाएगा. श्रद्धालुओं को होने वाली कठिनाइयों के मद्देनजर अखंड ज्योति के लिए श्रद्धालू अपने नाम फोन से पंजीकृत करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ऐसी जानकारी संस्था के अध्यक्ष शंकर बडे ने दी.

गत वर्ष 2 हजार 700 श्रद्धालूओं के नाम पर ज्योत जलाकर लगाई गई थी, इस वर्ष साढेतीन हजार अखंड ज्योत संस्थान की ओर से लगाई जाएगी.

घटनास्थापना के दिन मां जगदंबा की निकाली जानेवाली शोभायात्रा रद्द कर दी गई है. बहुत ही साधारण तरीके से विधिवत घटस्थापना की जाएगी. न्याय बोर्ड की ओर से सभी भक्तों के स्वास्थ्य के लिए मां जगदंबा से आशीर्वाद मांगा जाएगा.

कोरोना का संकट जल्द समाप्त होकर मां जगदंबा की आराधना प्रारंभ होने के लिए मां जगदंबा के चरणो में प्रार्थना करेंगे, ऐसा संस्था के अध्यक्ष शंकर बडे, काशिनाथ शिंदे, दीपक अण्णा कापरतिवार, वामन सिडाम, प्रेमराव वखरे व संस्था के विश्वस्त मंडल द्वारा कहा गया है.