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दिग्रस. दिग्रस-दारव्हा सडक लगभग 4 वर्षों के लिए तीन ठेकेदारों को ठेका दिया गया है, लेकिन ठेकेदारों की मनमानी और लापरवाही के कारण अब तक इस सडक पर काम पूरा नहीं हो सका है, जिससे सडक से यातायात करनेवालों को काफी परेशानियों का सामना करना पडता है. सडक पर फैली गिट्टी से यात्रा करते समय धुल, मिट्टी का सामना करना पडता है. इस मार्ग पर कई स्थानों पर छोटे और बडे गड्ढों के कारण किसी भी समय दुर्घटना होने की संभावना रहती है.

राज्य के वनमंत्री तथा जिले के पालकमंत्री संजय राठोड भी कई बार इस मार्ग से यात्रा कर चुके हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह बात उनके संज्ञान में नहीं आई है. एक विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, नांदेड़ से नागपुर को जोड़ने वाले दिग्रस से दारव्हा राज्य के मुख्य मार्ग तक निजी वाहनों, एसटी निगम की बसों और भारी वाहनों के साथ सड़क की धूल और यात्री स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करता है. कुछ हद तक सड़क की मरम्मत लोक निर्माण विभाग द्वारा की जा रही है. सड़क जल्द ही उबड़-खाबड़ हो रही है. इस सड़क के टेंडर के अनुसार, इस सड़क का निर्माण निर्धारित समय के भीतर नहीं किया गया था. खुदाई वाली सड़क पर धूल के कारण सड़क पर गाड़ी चलाना मुश्किल हो रहा है. साथ ही, यह धूल सड़क के साथ खेतों में फसलों को नष्ट और नुकसान पहुंचा रही है.

विशेष मुद्दा महाराष्ट्र के वन मंत्री ना. संजय राठोड यह यवतमाल जिले के पालकमंत्री भी होकर दिग्रस-दारव्हा निर्वाचन क्षेत्र से चौथी बार चुनकर आए है. हालांकि इस सडक का निर्माण इस पर गंभीरता से ध्यान देते हुए जल्द शुरू करने चाहिए और यवतमाल जिले के जिलाधिकारी एम. डी. सिंह ने भी इसकी दखल लेकर उक्त ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई कर ठेकेदार को काली सूची में जमा करें. क्योंकि इस सडक पर लगभग 5-7 दुर्घटनाएं हुईं है और कईयों को अपनी जान गवानी पडी है.  संबंधित ठेकेदार पर सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज करें ऐसी भी मांग हो रही है. 

दिग्रस के मानोरा चौक से बस स्टैंड तक सुचारू सडक पर निर्माण कार्य के लिए खुदाई की गई, लेकिन आज तक सडक पूरी नहीं हुई है, यात्रियों को धूल, मिट्टी, पत्थर और गिट्टी के माध्यम से इस सडक से गुजरना पडता है. दिग्रस के मार्केट में आसपास देहातों से लोग खरीदारी के लिए आते है. जिससे यह सडक काफी व्यस्त रहती है, यहां दुर्घटनाओं की संभावना रहती है. इसके अलावा दिग्रस से दारव्हा मार्ग पर कलसा गांव के समिप नई सडक के निर्माण ने काम के बारे में संदेह पैदा किया है, सडक पर दरारे गिरनी शुरू हो गई है. वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर कडी कार्रवाई करने की मांग क्षेत्र के मार्ग से यातायात करनेवाले नागरिकों, यात्रियों ने की है.