मूल्यवृद्धि: महंगे डीजल की वजह से बढ़ गई गृह निर्माण की लागत, इलेक्ट्रिकल सामान पर महंगाई की मार

    यवतमाल. महंगाई बढ़ते ही जा रही है. जिसके कारण आम नागरिक परेशान हो गया है. महंगा लोहा, सीमेंट, ईंट, गिट्टी ही नहीं, बल्कि 15 से 20 प्रश महंगे हुए इलेक्ट्रिकल सामान ने भी गृह निर्माण की लागत बढ़ा दी है. लोग अपने घर को सुंदर और डेकोरेटिव बनाने के लिए मॉड्यूलर स्विचेज, न्यू डिजाइन्स के फेन्स, गीजर सहित विभिन्न प्रकार के लाइट्स का उपयोग करते हैं.

    अब यह सभी आइटम्स भी अन्य महंगी चीजों की तरह ही भाव खाने लगे हैं. इन वस्तुओं के दाम बढ़ऩे का मुख्य कारण है कॉपर की कीमतों में वृद्धि होना और डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टिंग का बढ़ जाना है. लाकडाउन के पहले तक जो कॉपर वायर बंडल 500 रुपये में मिलता था वह 200 से 300 रुपये बढ़कर 1 हजार रुपये से भी ऊपर चला गया है. 

    प्लास्टिक का रॉ मटेरियल की दर अधिक

    मॉड्यूलर सहित सादे स्विचेज भी प्लास्टिक का रॉ मटेरियल महंगा होने से 15 प्रश महंगे हो गए है. 10 से 11 रु. से शुरू होने वाले स्विचेज अभी 15 से 20 रुपये में मिल रहे हैं. इनकी कीमतें 70 से 80 रुपये तक जाती है. 60 रु. प्रति किलो मिलने वाला पीवीसी पाइप सीधे दोगुना होकर 125 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है. पहले की तुलना में इलेक्ट्रिक सामानों के दाम इस प्रकार है. जो मॉड्यूलर स्विचेज जो पहले 12 रु. में मिलता था वह अब 14 रु. में मिल रहा है. 

    200 से 400 रुपए ज्यादा देना पड़ रहा

    1,200 रुपये में मिलने वाला फेन 1,400 में मिल रहा है. डिजाइनर फेन 4 हजार रुपये से 5 हजार रुपये हो गया है. एमसीबी 60 रुपये से 100 रुपये पर पहुंच गई है. 2,200 रुपये में मिलने वाला गीजर अब 2600 में मिल रहा है. उसी प्रकार स्टेप लाइजर 1,200 में मिल रहा था जो अब 1,600 रुपये में मिल रहा है. सभी सामानों की कीमते कंपनी के अनुसार कम अधिक हो सकती है.