तुअर की खरीद भी बंद, अब राशि मिलने का इंतजार तुअर और चने के 100 करोड़ अटके

यवतमाल. जिले में मार्केटिंग फेडरेशन और विदर्भ को-आपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ने दो लाख क्विंटल तुअर और एक लाख क्विंटल चने की खरीद की है. जबकि खरीदे गए अनाज के 100 करोड़ रुपयों का भुगतान अब तक किसानों को नहीं किया गया है. किसानों ने इस बार अपना माल बेचने के लिए सरकारी खरीद केंद्रों को प्राथमिकता देते हुए ऑनलाइन पंजीयन भी कराया था. इसमें अपना नाम दर्ज कराने वाले कई किसान अब भी अपना माल सरकारी गारंटी केंद्रों पर नहीं बेच सके हैं. इसके बावजूद जिले के सरकारी केंद्रों पर तीन लाख क्विंटल तुअर और चना खरीदा गया है. खरीदे गए आधे माल की राशि किसानों को नहीं दी गई है, इसलिए अपना माल बेचने वाले किसान खरीफ की बुआई के समय आर्थिक संकट में फंस गए हैं.

अपना माल सरकार को बेचने के बाद भी किसानों को 100 करोड़ रुपयों का भुगतान गारंटी केंद्रों से अब तक नहीं किया गया है. जिससे किसान बुआई को लेकर दुविधा में पड़ गए हैं. मार्केटिंग फेडरेशन ने एक लाख आठ हजार क्विंटल तुअर की खरीद की है. इसमें से 37,420 क्विंटल अनाज का भुगतान कर दिया गया है. जबकि खरीदे गए चने के 5700 क्विंटल का भुगतान नहीं किया गया है.  विदर्भ मार्केटिंग फेडरेशन ने 11 मई तक खरीदे गए तुअर का भुगतान कर दिया है. वहीं 18 मई तक खरीदे गए चने का भुगतान भी कर दिया गया. जबकि 70 हजार क्विंटल माल का भुगतान नहीं हुआ है. यही हालत जिला मार्केटिंग फेडरेशन की है. इन दोनों सरकारी केंद्रों से 100 करोड़ रु. का भुगतान होना है.  ऐन बुआई के समय किसान घिरे संकट में मानसून आ जाने तथा लगातार बारिश होने से खेतो में बुआई कार्य निपटाना जरूरी हो गया है पर ऐन बुआई के समय जिले के किसानों को अपने माल के पैसे न मिलने से उनके सामने यह समस्या उत्पन्न हो गई है कि पैसों के लिए किसके सामने हाथ फैलाएं, किसानों को तत्काल भुगतान राशि देने की मांग की जा रही है.