अधिकारियों का आदेश ठंडे बस्ते में, टोल कंपनी को पीडब्ल्यूडी ने भेजे 7 पत्र

वणी. वणी से चंद्रपुर तक बने महामार्ग के डिवाइडर मे पौधे लगाने और उनके बड़े होने तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिवाइयर वॉल की दोनों ओर कंटीली झाड़ियां तोड़ने एवं रेडियम पेंट करने के पीडब्ल्यूडी  के आदेश को टोल कंपनी ने ठेंगा दिखा दिया है. अब तक आधा अधूरा काम ही किया है. मालूम हो की सामाजिक कार्यकर्ता इबादुल सिद्दीकी ने इस मामले को लेकर अनेक शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों से की थी. 28 अगस्त को पीडब्ल्यूडी ने आयवीआरसीएल को लिखे पत्र में कहा कि इससे पूर्व कंपनी को 6 बार पत्र दिये जाने के बावजूद कंपनी ने पडोली से यवतमाल तक डिवाइडर के बीच मे पौधे लगाने, रेडिमय पेंट करने, सड़क की साफ-सफाई करने, डिवाइडर के अंदर बेर बबुल के कंटीले पौधों को निकालने, सर्विस रोड की लेवलिंग करने, सड़क से पशुओं को हटाने आदि कार्यों को अब तक पूर्ण करना था.

कंपनी ने इनमें से कोई काम पूरा नहीं किया है. इसे अंतिम नोटिस समझकर उपरोक्त सभी कार्य तत्काल पूर्ण किये जाये. इस महामार्ग पर न केवल वणी, चंद्रपुर, गड़चिरोली, यवतमाल जिले के वाहनों का आवागमन होता है, बल्कि समीप के तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश के मालवाहक वाहन एवं अन्य वाहनों का यहां से 24 घंटे आवागमन लगा रहता है.

सुरक्षा के नहीं किए जा रहे इंतजाम

डिवाइडर पर लगाये गए पौधे तैयार नहीं होने और रेडिमय के अभाव में रात में डिवाइडर नजर नहीं आता है. ऐसे में वाहनों की तेज लाइट के प्रकाश में ध्यान भटकाने से अक्सर वाहन सीधे डिवाइडर से टकरा जाता है. इस रोड पर रात में यात्रा करने वालों को हमेशा डर बना रहता है. जोखिम उठाकर वाहन चालकों को यात्रा करनी पड़ती है. रोड निर्माण करने वाली कंपनी को रोड बनाकर 5 वर्ष का समय बीत चुका है. यहां कंपनी केवल टोल वसूली पर विशेष ध्यान दे रही है. रोड डिवाइडर की ओर कंपनी को कोई ध्यान नहीं है.