Devanand Pawar

  • किसान कांग्रेस की मांग

यवतमाल. बिजली महावितरण कंपनी द्वारा बकाया बिजली बिलों के कारण शुरू की गई बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई तत्काल रोक कर किसानों को राहत दें. ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश किसान कांग्रेस के विदर्भ विभाग के अध्यक्ष देवानंद पवार ने की है. राज्य में किसान बीते कुछ वर्षों से दिक्कतों से घिरे हैं. लगातार फसल बर्बादी, गुलाबी इल्लियों की मार, अतिवृष्टि और अवर्षण जैसे संकटों का किसान सामना कर रहे हैं. कोरोना के कारण खेती व्यवसाय पूरी तरह बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है. अब जैसे-तैसे किसान इस संकट से बाहर आने का प्रयास कर रहे हैं.

आर्थिक तौर पर कमजोर हो चुके किसान बिजली बिलों में बड़ा अंतर होने से बिजली बिल नहीं भर पा रहे हैं. उसमें फिर से कोरोना महामारी के कारण एक बार लॉकडाउन लगा दिया गया है. जिससे इस दौरान किसानों के कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन तोडना उचित नहीं है. उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने विधिमंडल में बिजली कनेक्शन नहीं तोड़े जाएंगे, ऐसा आश्वासन दिया था. जिससे देवानंद पवार ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के इस आश्वासन का महावितरण ने पालन करना अब जरूरी है. सरकार ने इस बारे में सहानुभूतिपूर्वक और गंभीरता से विचार इस कारवाई को रोकें, ऐसी मांग देवानंद पवार ने की है.

बिजली कनेक्शन तोड़ने के लिए महावितरण कंपनी का अधिकारीवर्ग किसानों से कठोर व्यवहार कर रहा है. जिससे अनेक किसान और घरेलू बिजली ग्राहकों को भेजे गए अधिक यूनिट के बिलों का विचार न कर बिजली कनेक्शन खंडित किए जा रहे हैं. अधिकारीयों की मनमानी रोकने की मांग किसान कांग्रेस के नेता देवानंद पवार ने की है. इस बारे में विज्ञप्ति में पवार ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्रीत्व काल में किसान, ग्राहकों को औसत बिजली बिल देकर वसूली की गई थी. कृषिपंप अधिक क्षमता के बताकर इसमें बड़ी अनियमितता बरती गई, बढ़ाकर बिजली बिल देने के मामलें में इसके पूर्व की सरकार के पाप बड़े कारण हैं. किसानों को अनुचित बिल देकर बिजली बिल माफ करने के नाम पर यह पैसे लूटे गए, ऐसा आरोप पवार ने किया है.