किसान के ‘भारत बंद’ आंदोलन को विविध संगठनों का समर्थन

  • किसान समेत व्यापारी भी होंगे बंद में शामिल
  • किसानों की पुकार को जिले के विविध संगठनों की समर्थन
  • शहर में सभी सामाजिक, किसान संगठनों की पहल

यवतमाल. केंद्र सरकार द्वारा पारीत किसान विरोधी विधयेक को दिल्ली में देशभरे के किसानों ने आंदोलन छेड दिया है. उस आंदोलन का हिस्सा कल ‘भारत बंद’ के तौर पर हो रहा है. यवतमाल जिले में विविध संगठनाओं ने भारत बंद आंदोलन को अपना समर्थन दिया है.  8 दिसंबर को ‘भारत बंद’ को सफल बनाने के लिए विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने आज शहर में व्यापारियों से आवाह‍्न किया और उनसे बंद में भाग लेने का अनुरोध किया. शेतकरी न्यायहक आंदोलन समिति के संयोजक देवानंद पवार ने कहा कि व्यापारियों ने भी गवाही दी है कि वे हड़ताल में भाग लेंगे.

यवतमाल जिले के सभी सामाजिक, किसान और राजनीतिक दलों ने इस बंद को अपना समर्थन देने की घोषणा की है. शहर के सभी संगठनों ने आज व्यापारियों से मुलाकात की ताकि शहर के साथ-साथ जिले के सभी प्रतिष्ठान बंद में भाग ले सकें. उन्होंने उन्हें भारत बंद में भाग लेने और कानून समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के बारे में जानकारी दी. केंद्र सरकार ने काले कृषि कानूनों की शुरुआत की है. यह कानून न केवल किसानों को बल्कि आम जनता को भी भर देगा. यह सरकार अंग्रेजों की तुलना में अधिक दमनकारी कानून ला रही है. विभिन्न सामाजिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधि देवानंद पवार ने कहा कि अगर हम इस अन्याय के खिलाफ समय रहते नहीं जागे तो हमें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. दिलीप महाले, अशोक भुतडा, ज्ञानेश्वर गोरे, आनंद गायकवाड, चंदु चौधरी, सतीश काळे, जयसिंग चौहाण, उमेश इंगळे, अरुण ठाकूर, सृष्टी दिवटे, प्रदीप डंभारे ने आज व्यापारियों को समझाया.

बस स्टैंड चौक से अनुरोध राउंड

कृषि अधिनियम के खिलाफ एक सफल बंद सुनिश्चित करने के लिए सभी संगठनों के अधिकारी और कार्यकर्ता सुबह बस स्टैंड चौक पर एकत्रित होंगे. यहां से, पूरे शहर का दौरा व्यापारियों के बंद में भाग लेने के अनुरोध के साथ शुरू होगा. देवानंद पवार ने सभी व्यापारियों के साथ-साथ नागरिकों से भी इस बंद में भाग लेने की अपील की है.

भारत बंद को बाभुलगाव कृउबा का सर्मथर्न

बाभुलगाव (संवाददाता) दिल्ली में  किसानो का आंदोलन शुरु है. इस आंदोलन को बाभूलगांव कृषी उत्पन्न बाजार समितीने सर्मथन देते हुए 8 नवंबर के भारत बंद मे शामिल होकर बाजार समिती बंद रखने का  निर्णय लिया है. बाभुलगाव कृषि उपज बाजार समिति ने किसानों के साथ खडा रहने का निर्णय लिया है. 8 नवंबर को बाभुलगांव बाजार समिति ने इस बंद को समर्थन देते हुए बाजार समिति बंद रखने का ऐलान किया है. जिससे कृउबास के सभी व्यवहार बंद रहेगे. ऐसी जानकारी कृउबास के सभापति  दिनकर कोंबे ने दी.

नेर में विविध संगठनाओं ने दिया समर्थन

कल के केंद्र सरकार के तीन कृषि विधयेक को निरस्त करने की मांग को लेकर नेर में भारत बंद को समर्थन देने का निर्णय नेर के विविध सामाजिक संगठन ने लिया है. जिसमें शेतकरी न्याय हक समिति, मराठा सेवा संघ, बार एसोसिएशन, डाक्टर एसोसिएशन, राकांपा, मौलाना आजाद विचारमंच, बौद्ध महासभा, प्रहार संगठन और बहुजन क्रांति मोर्चा की ओर से समर्थन घोषित किया है. जिसके तहत सोमवार को तहसील कार्यालय के सामने बैठा सत्याग्रह किया गया. इस समय बडी संख्या में शेतकरी न्याय हक समिति ने इस आंदोलन की रुपरेखा तय की.

झरी में कृउबास ने किया कपास उत्पादकों से सार्वजनिक अपील, केंद्र सरकार ने कृषि से संबंधित तीन कानून पारित किए हैं, इस अधिनियम के विरोध में मंगलवार 8 दिसंबर को विविध शेतकरी संगठनाओं ने ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है. जिससे महाराष्ट्र राज्य बाजार समिति सहकारी संघ मर्या. ने मंगलवार को झरी (मुकुटबन) कृउबास केंद्र के सभी व्यवहार बंद रहेंगे. 9 से कपास एवं अनाज की खरीदी फिर से शुरू होगी और उन्हें बाजार समिति के साथ सहयोग करने का अनुरोध कृउबास के  झरी(मुकुटबन)जिला यवतमाल ने किया है.