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आर्णी.  राज्य में शिक्षा विभाग ने लगभग 40,000 गैर-शिक्षण कर्मचारियों का शालार्थ पंजीकरण पूरा नहीं किया है, जो राज्य में अपना वेतन ऑफ़लाइन लेते हैं, इसलिए स्कूल के कर्मचारियों के वेतन रुकेने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता. इनमें आर्णी तहसल के लगभग दो हजार कर्मचारियों को खामियाजा भुगतना पडेगा, ऐसा चित्र सामने आ रहा है. आर्णी तहसील में जिला परिषद के तहत आनेवाली स्कूलों की संख्या 122 होकर इनमें लगभग 450 कर्मचारी कार्यरत हैं. राज्य में अनुदानित, अशंत अनुदानित स्कूलों पर काम करनेवाले अध्यापक-अध्यापिकाओं का समय में और नियमित वेतन मिलने हेतू सरकार ने शालार्थ पंजीकरण कार्यान्वित की है. लेकिन संबंधित यंत्रणा पर काम करनेवाले कर्मचारी जानबूझकर काम में लापरवाही बरत रहे होने का आरोप लगाया जा रहा है, जिससे अच्छी समझी जानेवाली यंत्रणा अब बंद पडने के कगार पर है. विगत वर्ष शिक्षा विभाग ने दिसंबर तक सभी कर्मचारियों का शालार्थ पंजीयकरण के तहत प्रणाली में शामिल करने के बारे में सभी स्कूलों को जानकारी दी गई थी. जिसमें जिला परिषद की स्कूलों का भी समावेश था, हालांकि, अबतक शालार्थ का कामकाज पूर्ण न होने की बात पहली रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया है, यह तस्वीर तालुकों में भी है और अब गुट शिक्षाधिकारी आर्णी तालुका में काम की समीक्षा करने में सक्रियता दिखा रहे हैं

 

पंजीकरण नहीं तो विगत साल से नहीं मनाई दिवाली,

कर्मचारियों की लचर कारोबार की वजह से स्कूल पंजीकरण के लिए सरकार को बार-बार अवधि बढाकर देना पड रहा है. आफलाइन के लिए 30 सितंबर की अवधि दी थी, वह अब खत्म हो गई. अब चालू महिने का वेतन बिल दल स्विकार नहीं रहा है. अल्प वेतन और उसमें भी वेतन होने को अधिक समय लगने से अंशत: अनुदानित शिक्षकों की दिवाली भी अंधेरे में जाने का चित्र दिखाई दे रहा है.

सुदर्शन चव्हाण, आर्णी तालुका अध्यक्ष जिप शिक्षक संगठना

 

हमारा काम तेजी से बढ रहा है- गुट शिक्षाधिकारी

आर्णी पंचायत समिति के तहत आनेवाले जिला परिषद की सभी स्कूले, नगर परिषद की स्कूले व अन्य सभी सरकारी व अर्ध-सरकारी स्कूलों के लिए प्रणाली की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तत्काल कार्रवाई की है और इस प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाएगा.

गुट शिक्षाधिकारी रावते पंचायत समिती आर्णी