Temple yavatmal

यवतमाल. राज्य सरकार के घोषणा के बाद आज यवतमाल शहर के सभी महत्व के धार्मिक स्थल खोले गए. सुबह 6 बजे से लेकर स्थानीय केदारेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालूओं की भीड उमडी. लेकिन कुछ मंदिरों में श्रद्धालूओं की कमी महसूस हुई. आज सुबह यवतमाल का महादेव मंदिर शहर के हृदयस्थान पर स्थापित दत्त मंदिर, लोहारे का महादेव मंदिर, ढुमणापुर का हनुमान मंदिर, वनवासी मारोती मंदिर, आर्णी रोड पर का मनदेव मंदिर आदि धार्मिक स्थल आज से खुले तो हो गए, लेकिन श्रद्धालूओं की कमी से मंदिर में रौनक कम नजर आयी.

कोरोना लॉकडाउन में बंद हुए धार्मिक स्थल अनलाक प्रक्रिया में शुरू तो हो गए, लेकिन कोरोना महामारी अभी खतम नहीं होने से भक्तों जरा सा डर दिखाई दिया. इस वजह से मंदिरों में श्रद्धालूओं की संख्या कम नजर आयी. लेकिन धीरे-धीरे श्रद्धालूओं की संख्या बढती जाएगी, नियमावली के चलते हुए मंदिर में हार, नारीयल आदि पुजा की सामग्री ले जाने पर प्रशासन ने मना किया है.

इस वजह से पुजा की सामग्री बेचनेवाले विक्रेताओं में नाराजगी दिखाई दी. विगत सात माह से मंदिर बंद पड गए थे, अब मंदिर खुलेंगे और व्यवसाय उभरेगा इस आशा पर विक्रेता खुश थे, जैसे ही प्रशासन की नियमावली सामने आयी और पुजा सामग्री को मंदिर ले जाने में बाधा डाल दी गई, इस पर शहर के मंदिर के सामने पुजा सामग्री बेचनेवाले विक्रेताओं ने नाराजगी जताई है.

खाना परोसा, पर हाथ बंधे!

मंदिर शुरू होने की खुशी जरूर है, हमें आशा भी थी मंदिर खुलने के बाद हमारे व्यवसाय में वृद्ध होंगी, लेकिन प्रशासन ने मंदिर में फूल, हार आदि पुजा सामग्री ले जाने पर बाधा डाल दी है, इस वजह से हमारी दुविधा मनस्थिति हो गई है. खाने को परोसा, पर हाथ बंधे है. ऐसे हालात में हम अपना गुजारा कैसे करेंगे?

-पंकज कलसकर, फूल विक्रेता, दत्त मंदिर, यवतमाल.

धीरे-धीरे श्रद्धालू बढेंगे

मंदिर खुलने के बाद मंदिर में सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई. भक्तों को मास्क लगाने तथा सामाजिक दूरी रखने के लिए सूचना फलक लगाए है. आज केवल 15 से 20 श्रद्धालूओं मंदिर में आकर भगवान के दर्शन लिए. लेकिन दत्त मंदिर की परिक्रमा करने पर रोक लगाई गई है. परिक्रमा के दौरान भीड होती है, इस वजह से हमने यह निर्णय लिया है. धीरे-धीरे भक्तों की संख्या बढेगी.

-नंदूभाऊ दिक्षीत, पुजारी, दत्त मंदिर, दत्त चौक, यवतमाल.