परिस्थिति पर मात कर पूरा किया कलेक्टर बनने का सपना

  • अझरुद्दीन काजी की UPSC में सफलता

यवतमाल. युपीएससी पास होने का सपना इतना पक्का था की  दिक्कते भी छोटी लगने लगी. घर में पिता की परिस्थिती न होते हुए भी यूपीएससी की परीक्षा दी. मंगलवार, 4 अगस्त को घोषित हुए यूपीएससी परीक्षा के परिणामों में देश से 315वां क्रमांक प्राप्त करनेवाले अझरूद्दीन जमीरूद्दीन काजी यह कार ॲसेसरीज व्यावसाय करनेवाले का पुत्र है. यवतमाल शहर के पांढरकवडा रोड स्थित रचना कॉलनी निवासी अझरुद्दीन काजी यह निवासी है.

सामान्य परिवार में बडा हुए अझरुद्दीन के पिता की कार ॲसेसरीज की  दुकान है. तो माता गृहिणी और चार भाई है. हलाकान परिस्थिती होने पर भी शिक्षा पूर्ण की. बचपन से ही प्रशासनिक अधिकारी होने का सपना था. उसने प्राथमिक शिक्षा अंजुमन ऊर्द शाला में पुर्ण की. तो ॲग्लो हिंन्दी शाला में से 10वीं उत्तीर्ण की. ग्रॅज्युऐशन आबासाहेब पारवेकर महाविद्यालय में  वाणिज्य शाखा से किया.

सन 2012 में कॉर्पोरेशन बँक में नोकरी मिली. लेकिन युपीएससी कर प्रशासकीय सेवा में जाने का सपना था. इसलिए सन 2018 में नोकरी छोड दी. साथही सपना पूर्ण करने के लिए दिल्ली पहुचकर यूपीएससी परीक्षा की तयारी प्रारंभ की. सन 2006 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अब्दुल रहेमान के मार्गदर्शन में पढाई शुरू की. लेकिन उसके प्रयास को सफलता नही मिलती थी. इसके बाद जिद्द, मेहनत के जोर पर उसने सफलता प्राप्त की.

ऑटो चलाकर बच्चों को पढाया
अझरूद्दीन काझी के पिता जमीरूद्दीन काझी यह शुरू से  ॲटो चलाकर परिवार की परवरीश करते थे. चारों बच्चों को उन्होने अच्छी शिक्षा दी. इसके बाद कालीपिली वाहन लेकर बच्चों की शिक्षा पुर्ण की. उनका एक पुत्र इंजिनीअर, दुसरा एमबीबीएस, तिसरा एडव्होकेट और अब चौथा पुत्र जिलाधिकारी बना है. अब उनकी कार ॲसेसरीज की  है.