9211 new cases of corona in Maharashtra

पुसद.  पिछले छह माह से देश मे चल रहे %कोरोना% (कोविड-19) की महामारी से पुसद शहर को सुरक्षित  रखने मे शासकीय यंत्रणा सफल होती दिखाई दे रही है. इस बिच मुंबई.. पुना से संक्रमितों ने  यवतमाल जिले मे प्रवेश करने से यवतमाल  शहर, नेर , दारव्हा, के साथ साथ पुसद के ग्रामीण इलाके  मे भी संक्रमित मिलना शुरू हो गए. 12 जून को पुसद शहर के नागरिक के नमुने संशय मे लिए गए जिसकी रिपोर्ट 13 जून को  प्राप्त हुई.   जिसमे  संशयित को %कोरोना% की लागत हुई है ऐसा पाया गया जिसके चलते  पुसद के उपविभागीय अधिकारी  डॉ. व्यंकट राठोड  तहसीलदार प्रा. वाहुरवाघ  ने मस्जिद वार्ड एवं  मालीपुरा का एरिया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया. और  सरकारी यंत्रणा ने उनके परिवार एवं करीबी संपर्क मे आए लोगो को कोरन्टाइन कर लिया. दुर्भाग्यवंश कोरोना बाघित मरीज की मौत हो गई.

सभी कोरन्टाईन किये गए लोगो के स्वैब टेस्ट के लिए भेजे गये थे. उन सभी मे से सर्फि चार लोगो के नमुने पॉजिटिव आए. इधर प्रशासन चिंतित था, नेर और दारव्हा के प्रतिबंधित क्षेत्र की हालात देखते हुए और इलाके के गडी वार्ड की वजह से प्रशासन सोंच में पडगया था की पुसद का क्या होगा. लेकीन इस कठीण समय मे प्रतिबंधित क्षेत्र में रह रही जनता ने जिस होर्य और जागरूकता की मिसाल पेश की जो के तारिफ के काबिल है. इस क्षेत्र मे पुलिस चौकी बनाई पर नागरीकोंने इन 12 दिनो में पुलिस के किसी भी कर्मी को डाटने का तो छोडो सिटी भी बजाने का मौका नही दिया. प्रशासन एवं मुख्यधिकारी नगर परिषद पुसद ने लागु किए हर नियम का कठोर पालन किया जाता.

आरोग्य अधिकारी व कर्मी घर घर जाकर जानकारी लेते दिखाई दिये .उपविभागीय अधिकारी डॉ. व्यंकट राठोड इलाके पर नजर जमाए हुए है . साथ ही स्थानिक क्षेत्र पर विधायक डॉ. वजाहत मर्झिा भी बात बात का जायज़ा लेकर पुरी तरह से अपना सहयोग और मदद दे रहे है. प्रशासन की हर मदत के लिए सामने आए. इस प्रतिबंधित क्षेत्र मे सभी नागरिक जागरूक होने कि वजह से हर रोज %स्वयं घोषित कर्फ्यू% सा माहोल रहता है. बिना किसी खास जरुरत के कोई घर से बाहेर नही निकलता . प्रशासन को सहयोग करते नागरीकों मे एक नाम खास है ईंजि अन्वर अली खुद दव्यिांग होते हुए भी इनके द्वारा किए गये सहयोग को प्रशासन और जनता याद रखेगी. नागरीकों की हर परेशानी को प्रशासन और लोकप्रतिनिधी के माध्यम से हल करने का कार्य कर रहे है .शोसल मिडिया पर भी स्क्रीय रहकर लोगो को आवाहन करते दिखाई देते है.

इस खौफ भरे माहोल मे उनके द्वारा किये कार्य कि सरहाना करते हुए कोरोना योध्दा सम्मान पुसद के स्थानिक विधायक  एवं प्रशासन के सभी अधिकारी व कर्मीयों के साथ साथ इन्हे भी जल्हिाधिकारी द्वारा दिए जाने कि मांग जनता कर रही है. इस मुशकील समय मे प्रतिबंधित क्षेत्र के सभी हिंदु मुस्लिम नागरीकोंने एकता और अखंडता का परिचय देकर अभितक स्थिती को नियंत्रित रख पुरे पुसद शहर मे इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए इन सभी नागरीकों द्वारा किया गया हर कार्य धन्यवाद के पात्र है. अगर इस प्रतिबंधित क्षेत्र को एक मॉडल प्रतिबंधीत क्षेत्र के रुप मे पुरे जिले मे अपनाया गया तो  जल्द ही फिर से पुरा यवतमाल जिला कोरोना मुक्त होगा ऐसी चर्चा शहर मे है.