तुअर की फल्ली की बात ही कुछ निराली

  • तुअर की फल्ली के दाने की स्वादिष्ट आमटी और ज्वार की भाकरी
  • प्याज और मीर्ची

आर्णी. किसान, खेतमजदूरों के भोजन में सर्वाधिक पसंदिदा माने जानेवाला तुअर की फल्ली के दाने की आमटी, ज्वार की रोटी, प्याज, मिर्ची खाने में पसंद करते है. यह रेसिपी ग्रामीण नहीं बल्कि शहरों में भी गृहिणी बडे चाव से अपने रसोई में पकाती है.

जिले में तुअर की फसल प्रमुखता से उगाई जाती है. जब सर्दी आती है, तो निराले खाने में तुअर की फल्ली इस्तमाल पर अधिक जोर दिया जाता है. जेसे तुअर के दानों वाला राईस, तुअर के दाने का भोजन में बडे चाव चाव से खाई जाती है. जिसमें तुअर से बटी आमटी, तुअर से बनी उसल आदि विविध व्यंजनों में तुअर के दानों का इस्तमाल किया जाता है. किसान परिवार में प्रतिदिन इन दिनों तुअर की फली के दानों की आमटी बडे चाव से बनाई जाती है. 

ग्रामीण क्षेत्र में तुअर की फल्ली सहजता से उपलब्ध होती है, किसान, खेतमजदूर खेत से तुअर की फल्लीयां मार्केट में बेचने के लिए लाते है. इसका स्वाद निराला होने से इसकी सर्वाधिक मांग रहती है. ग्रामीण की तरह शहर में भी महिलाएं तुअर से विविध व्यंजनों में डालकर पकाते है. जैसे तडके की खिचडी, तुअर के दानों से बना झूनका, कडीगोले, गोलाभात, विशेष कर आमटी जैसे विविध व्यंजन बनाकर बडे चाव से खाए जाते है. तुअर के दाने, बारिक काटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, बारीक कटा टमाटा, धनियां पावडर, जिरा पावडकर, हल्दी, अद्रक, लसून की पेस्ट, हिंग, राई, तेल, मीठ, हरा धनिया और आवश्यकता के अनुसार गरम पानी से आमटी स्वादिष्ट मेनू बनता है.

खेत में तुअर की फल्लियां अच्छी भरने के पश्चात किसान परिवार या फिर खेत मजदूर प्रतिदिन घर आते समय खेत से तुअर की फल्लियां तोडकर घर लाते है, प्रतिदिन सब्जी में क्या बनाना है? ऐसी मुश्किल आती है तब तुअर की फल्लियों के दानों से बनी आमटी खाने में बात हीं कुछ निराली है. इन दिनों घर-घर में खाने में तुअर की फल्ली की आमटी बडे चांव से बनाकर खाई जाती है.