Manikgarh railway ticket counter flying social distancing
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यवतमाल. लॉकडाउन के पश्चात केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने अनलॉक प्रक्रिया आरंभ की, जिसमें रेल को अपनी सेवा देने के लिए शुरू किया. लॉकडाउन के बाद विविध बड़े त्योहार आए, जिसमें नवरात्रि, दशहरा, दिवाली आदि जैसे बड़े त्योहार शामिल थे. दीपावली के पूर्व रेलवे स्थानक पर यवतमालवासियों ने ट्रेन की सीट आरक्षित करने के लिए भीड़ लगी थी.

प्रतिदिन 60 से 70 ऑनलाइन आवेदन किए जाते हैं और 150 पैसेंजर आरक्षण के लिए यात्री निराश होकर लौट जाते हैं. दिवाली के बाद रेल स्टेशन पर आरक्षण बुकिंग करने के लिए लोगों का आना-जाना बढ़ गया. इसलिए देर रात तक टिकट खिड़की पर कतारें लगती है. 10 दिसंबर तक सभी ट्रेनों के आरक्षण फुल हो गए. इसलिए 10 दिसंबर के बाद यात्रियों को बुकिंग मिल पाएगी.

टिकट मिलने के पश्चात यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग जांच होगी.  यवतमाल से व्यापारी तथा परिजन, नागरिक अधिकतर बड़े शहरों में यात्रा करते हैं. यवतमाल रेल स्टेशन से पुणे स्पेशल, पुणे-अजनी, नागपुर हमसफर, कोपरगांव- गोंदिया स्पेशल, एचटीई फेस्टीवल स्पेशल आदि रेल गाड़ियों की बुकिंग हाउसफुल हो गई है. भले ही ब्रिटिशकालीन यवतमाल मध्यवर्ती रेल स्टेशन से कोई ट्रेन नहीं दौडती हो , लेकिन यहां के रेलवे स्टेशन के टिकट खिड़की पर लगभग देश में जाने वाली गाड़ियों के लिए आरक्षित बुकिंग सुविधा उपलब्ध है.

यात्रा की रद्द

यवतमाल से मुझे जलगांव जाना था, लेकिन बुकिंग न मिलने की वजह से मुझे अब 10 दिसंबर के बाद ही मेरे गांव जाना पड़ेगा. मैं दिवाली के बाद घर जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन मुझे बुकिंग न मिलने से यात्रा रद्द करनी पड़ी. अब 10 दिसंबर के बाद ही गांव जाने की तैयारी कर रहा हूं.

-संतोष पवार, मूल निवासी जलगांव, यवतमाल.