साइकिल से माहूर गढ की यात्रा, धामणगाव (रेल्वे). युवकों का उपक्रम

आर्णी. भगवान के चरणस्पर्श के लिए कौण क्या करेगा? यह कहा नहीं जा सकता. नवरात्रौत्सव में धामणगांव (रेल्वे) के कुछ युवक गत नौ वर्षों से साइकिल से रेणुका माता के दर्शन के लिए माहूर गढ की यात्रा करते आ रहे हैं. इसके लिए उन्हें तीन दिन का समय लगता है. 

पर्यावरण का उद्देश्य नागरिकों समझने, प्रदूषण पर अंकुश लगाने, पर्यावरण का संतुलन नागरिकों द्वारा बनाए रखे, विज्ञान के माध्यम से लोगों को कसरत करना उतना ही जरूरी है. जिससे साइकिल चलाना भी शरीर के लिए अच्छी कसरत है. ऐसी प्रतिक्रिया गौरव धामंदे ने दी. साइकिल से माहूरवारी के अध्यक्ष आशीष फुलडाले, दाता कडूकार, सागर पोटजोडे, शैलेश बोधडे, पवन भोसले, स्वप्नील ठाकरे, पंकज तिडके, पंकज शाहू, आकाश गिरी तथा अन्य सदस्यगण उपस्थित थे.