Vasant sugar mill, Pusad, yavatmal

  • किराया तत्व पर देने सरकार की मंजूरी
  • शुगर संचालक ने प्रशासक को दिए निर्देश

उमरखेड़. वसंत शूगर मिल चलाने के लिए असमर्थ रहे तत्कालीन संचालक मंडल ने सामूहिक इस्तीफा देकर अपने हाथ उपर कर दिए थे. पश्चात वर्ष 2017-18 से बंद ‘वसंत’ शूगर मिल को राकां नेता शरद पवार व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रयासों से फिर से अच्छे दिन आ गए है. राज्य की वसंत शूगर समेत अन्य दो मिल बीमार पड़ी थी. 9 दिसंबर को मुंबई में तीनों कारखानों को किराया तत्व पर देने बैठक हुई.

बैठक में वसंत शूगर मिल को किराया तत्व पर देने के संदर्भ में शूगर मिल के संचालक प्रशासन विभाग पुणे को सूचित किया. सरकार के फैसले के बाद ई-टेंडर जारी करने की कार्यवाही करने उत्तम इंदूलकर संचालक प्रशासन विभाग पुणे ने वसंत के प्रशासक सुरेश महंत को प्रस्ताव भेजा. वसंत का कार्य क्षेत्र पांच तहसील अर्थात विदर्भ-मराठवाड़ा से सटा हुआ है.

लगभग 18,000 गन्ना उत्पादक इस कारखाने में सदस्य के रूप में शामिल हुए हैं. विगत एक साल से वसंत कारखाना बचाव संघर्ष समिति ने बंद ‘वसंत’ को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर सांसद हेमंत पाटिल, विधायक इंद्रनिल नाईक, विधायक नामदेव ससाने, माधवराव पाटिल जवलगावकर ने मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की थी. 18,000 सदस्यों का स्वामित्व बरकरार रखा जाएगा और 20 करोड से ऊपर सदस्य पूंजी डूबेगी नहीं.

इस क्षेत्र के किसानों को वसंत शुगर मिल को गन्ना देने के लिए मार्ग सुचारू होगा ओर मिल का कर्जे से मुक्त होनेवाला है. स्थानीय लोगों ने सीधे रोजगार के अवसर उपलब्ध होनेवाले है. ‘वसंत’ शुगर मिल फिर से शुरू कराने के लिए कारखाना बचाव संघर्ष समिति के माध्यम से पी.के. मुडे, संतोष जाधव, अशोक वानखेडे, बी. सी. वानखेडे, देवानंद मोरे, सुर्यकांत पंडित, बलवंत चव्हाण, बालकृष्ण देवसरकर, डा. गणेश घोडेकर, ब. मो. शर्मा, रवि राठोड, विनोद शिंदे एवं पतंगराव के प्रयासों को सफलता मिली है.