मतदाता साक्षरता बोर्ड मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति करें जागरूक करें – जिलाधिकारी अमोल येडगे

    • चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जन जागरूकता की जरूरत
    • स्वीप कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी

    यवतमाल. मतदाता पंजीकरण, चुनाव प्रक्रिया, मतदान कैसे करें और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर आम जनता को चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए चुनावी साक्षरता के माध्यम से व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाए. स्कूल महाविद्यालय के चुनाव साक्षरता मंडल, चुनाव पाठशाला व मतदाता जागृति मंच द्वारा जनजागृति मुहिम चलाई जाए, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी ने मतदाता पंजीयन अधिकारियों को दिए है.

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत देशपांडे ने यवतमाल जिले में मतदाता शिक्षा, मतदाता जागरूकता और मतदाता जानकारी को बढ़ाने के लिए स्वीप (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी कार्यक्रम) के प्रभावी कार्यान्वयन के निर्देश दिए थे. तद्नुसार जिलाधिकारी अमोल येडगे ने हाल ही में यवतमाल जिले के सभी मतदाता पंजीयन अधिकारियों की बैठक बुलाकर उक्त निर्देश दिये हैं. सहायक जिलाधिकारी विवेक जॉनसन व सावन कुमार, उपजिलाधिकारी (चुनाव) डॉ. स्नेहल कनिचे, उपविभागीय अधिकारी शरद जावले, शैलेश काले, अनिरुद्ध बक्षी, जयंत देशपांडे, स्वप्निल कापड़नीस उपस्थित थे.

    सभी निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों ने युवाओं, महिलाओं, विकलांगों, तीसरे पक्ष, शहरी नागरिकों, स्कूलों और कॉलेजों में चुनाव साक्षरता बोर्ड की स्थापना, चुनाव स्कूलों की स्थापना, मतदाता जागरूकता बोर्ड और उनके संपर्कों को लक्षित करते हुए प्रत्येक तहसील में एक वेब संवाद का आयोजन किया है.

    सूची को अद्यतन, समन्वित, सशक्त बनाने के साथ-साथ जिला और निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव कार्यालय फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया अकाउंट खोलकर सक्रिय करें और यवतमाल जिले में मतदाता पंजीकरण बढ़ाएं. इसके लिए जिलाधिकारी ने नवीन गतिविधियों को लागू करने, सोशल मीडिया का उपयोग करने, चुनाव साक्षरता बोर्ड, चुनाव स्कूल और मतदाता जागरूकता बोर्ड का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए.

    उपजिलाधिकारी स्नेहल कनिचे ने यवतमाल जिले में स्थापित स्कूलों, कॉलेजों, चुनाव स्कूलों और मतदाता जागरूकता मंचों के बारे में जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि कॉलेजों में 53 चुनावी साक्षरता बोर्डों में 551 सदस्य, स्कूलों में 265 चुनाव साक्षरता बोर्डों में 2744 सदस्य, 548 चुनाव स्कूलों में 5520 सदस्य, विभिन्न कार्यालयों में 118 मतदाता जागरूकता बोर्डों में 1230 सदस्य हैं.