There should be only one policy on lockdown

  • कुछ व्यवसायों को नहीं मिली छूट

यवतमाल. कोरोना वायरस के संक्रमण का दौर देश और दुनिया के लिए सबसे अधिक पीड़ादायक साबित हो रहा हैं. समूचे विश्व में कोरोना महामारी ने अपने पांव पसार लिए है. कोरोना ने कइयों की जिंदगी तबाह कर दी तो कइयों की जाने भी चली गई है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन के दौरान सिर्फ जीवनावश्यक वस्तुओं की दूकानें, मेडिकल स्टोर्स, दूध, सब्जी-फल हाथठेलों वालों आदि को ही तय समय में खोलने की अनुमति. जबकि दवा की दूकानों को चौबीस घंटे खुली रखने की अनुमति दी. लॉकडाउन-4 में केंद्र सरकार ने जरूरी दिशानिर्देशों के साथ छूट देना शुरू कर दिया.  अनलॉक 1 के तहत कंटेनमेंट जोन के बाहर वाले इलाकों में दूकानें, स्कूल, कालेज और उद्योग व अन्य कामकाज सुचारू होने में मदद मिल सकेगी. फिर भी सबकुछ दोबारा से पटरी पर लाने एकसाथ छूट नहीं दी जा सकती. इसमें समय लगेगा. 

खतरा टला नहीं
कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं हैं. इसकी दहशत से बाहर निकलने का रास्ता निकाला जा रहा है. उस पर चलते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बहुत सारे नियमों का पालन करना भी जरूरी हो गया हैं. खरीफ मौसम को देखते हुए किसानों के लिए खेती से जुड़ी साधन-सामग्री व उससे जुड़ी दूकानों को खोलने की अनुमति तय समय में दी गई. अनलॉक-1 के बाद लगता था कि, धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर आ रही है.  ऐसे में मुंबई, पुणे व अन्य स्थानों से जिले में लौटे नागरिकों में कोरोना ने चपेट में ले लिया है. जिससे अब यवतमाल जिले के ग्रामीण क्षेत्र से दिन-ब-दिन पाजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है.  एक समय यवतमाल शहर भी कोरोनामुक्त होने के कगार पर रहते समय फिर से कोरोना ने शहर में एंट्री करने से प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. 

लॉकडाउन में गया शादियों का सीजन
कोरोना के संक्रमण के फैलाव से बचने और भीड़ को टालने के लिए यह सभी कदम सरकार को उठाने पड़. इस दौरान रिश्तेनातों के चुनिंदा लोगों की उपस्थिति में शादी समारोह निपटाए गए. शादियों के सीजन पर निर्भर बैंड-बाजावाले, मंडप डेकोरेशन, बिछायत, साजसज्जा से जुड़े व्यवसाय पूरी तरह से प्रभावित हुए. पूरे साल भर का बजट इन व्यवसायियों का इन तीन-चार महत्वपूर्ण महीनों में होता है.  भीड को टालने व संक्रमण की रोकथाम के लिए लाकडाउन से अनलॉक के दौरान धार्मिक स्थल, स्कूल-कॉलेज, हेअर सलून, सिनेमा थिएटर, होटल, रेस्टारेंट, चाय कैंटिंग, पानटपरियां, रेल, राज्य अंतर्गत बस फेरियां तथा  भीड़भाड़ वाले,  सभी कार्यक्रमों पर नियंत्रण पाने के लिए बंद रखे गए. इसमें सिर्फ यवतमाल जिले अंतर्गत बस सेवाएं शुरू हुई.

इन व्यवसायों को मिली छूट
राशन, अनाज दूकान, बेकरी, सब्जी एवं फल, अंडे, मांस, मछली, पशुखाद्य की दूकान, आटाचक्की, एक्वा सेंटर, कृषि सेवा केंद्र, कृषि पंप सामग्री की दूकान, रासायनिक खाद, दूध एवं दुग्धजन्य पदार्थ तथा स्वास्थ्य से जुड़े अस्पताल, औषधि दूकान, चश्माघर, पशुवैद्यकीय अस्पताल,  औषधि दूकान  और अन्य दूकानदारों को दूकान में माल भरने के लिए, पेट्रोल पंप तय किए गए समय में जनता के लिए सेवा शुरू रखी गई.   हार्डवेअर, सीमेंट, टायर्स, बैटरी एवं वाहनों के आयल की दूकान, सॉ मिल्स, इलेक्ट्रिकल्स और इलेक्ट्रानिक्स, जेराक्स एवं वाहन पंप पर मरम्मत की दूकान,आटो मोबाइल्स दूकान, वर्कशाप/वाहन सर्विसिंग सेंटर खोलने व बंद करने समयपत्रक दिया गया है.  दूकानें खोलने व बंद करने का समय तय करके दिया गया है. 

साथ ही अनलॉक-1 से कपड़ा, अंडरगारमेंट्स, बुटीक एंड मैचिंग सेंटर, टेलरिंग, फुटवेअर, लान्ड्री, कुशन एवं कर्टन्स, घड़ी बिक्री एवं मरम्मत, बुक स्टाल, जनरल्स एंड स्टेशनरी स्टोर्स, पेपर मार्ट, बर्तन बिक्री तथा क्राकरी, गैस सिगड़ी मरम्मत, रजाई की दूकान, बुधवार और गुरवार को बैनर पेंटिंग एंड रेडियम वर्क, आफसेट एंड प्रिंटिंग, फोटो स्टुडियो, इंजीनियरिंग एवं वेल्डिंग वर्क्स मार्बल, ग्रेनाइड एंड टाइल्स, प्लायवुड एंड सनमायका, पेंट तथा पेंटिंग सामग्री, कैटरर्स एंड बिछायत केंद्र, स्पोर्ट्स, टॉइज एंड म्युजिकल्स आदि दूकान, शुक्रवार और शनिवार को साइकिल स्टोअर्स, मोबाइल बिक्री एवं मरम्मत, कम्प्यूटर बिक्री एवं मरम्मत, फर्नीचर, साइबर कैफे, कार एसेसरीज, बैग्ज सेंटर, सराफा (ज्वेलर्स), आर्टीफिशियल ज्वेलरी, बैंगल्स, गिफ्ट सेंटर और कांच की दूकान को खोलने की समय सीमा तय करके दी है. यह सभी छूट प्रतिबंधित क्षेत्र को छोड़कर जारी है.