मनोरंजन

Published: Apr 28, 2022 06:13 PM IST

Exclusive Interviewहम सब केवल भारतीय सिनेमा का हिस्सा हैं: अजय देवगन

कंटेन्ट राइटरनवभारत.कॉम
कंटेन्ट एडिटरनवभारत.कॉम
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मुंबई: हिंदी सिनेमा (Hindi Cinema) के एक्शन (Action) हीरो (Actor) के रूप में बीते कई दशकों से दर्शकों (Audience) का मनोरंजन (Entertainment) कर रहे अजय देवगन (Ajay Devgan) रोमांच और संघर्ष से भरी फिल्म ‘रनवे 34’ लेकर आ रहे हैं। फिल्म में वो एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह और अमिताभ बच्चन के साथ नजर आएंगे।

फिल्म को लेकर अजय ने नवभारत से विशेष बातचीत की जहां उन्होंने इसको फिल्मांकन, बिग बी के साथ काम करने के अनुभव और भारतीय सिनेमा को लेकर खुलकर बातचीत की। पेश है इस चर्चा के कुछ अंश… 

इस कहानी में क्या विशेषताएं थी जो आपने इस पर फिल्म बनाने का फैसला किया?

सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म की कहानी बेहद दिलचस्प है। कहानी में जिस प्रकार के मोड़ देखने को मिलते हैं, उसे सुनने के बाद मुझे एहसास हुआ कि ये कहानी लोगों को भी बेहद पसंद आएगी। फिल्म पर जब काम शुरू किया तो ये कहानी इतनी बेहतरीन ढंग से बनी कि मुझे लगा हां, ये सिनेमाघरों में दर्शकों का खूब मनोरंजन करेगी क्योंकि इस कहानी की दुनिया काफी अलग है और इसको शूट करने का हमारा तरीका भी अलग था। ये फिल्म देशप्रेम के भाव से भरी हुई है। 

फिल्म के निर्माण हेतु उड्डयन जगत की बारीकियों पर किस प्रकार रिसर्च किया गया?

हमने फिल्म को बनाने में काफी रिसर्च किया क्योंकि हमें इस सच्ची घटना को एक कहानी के रूप में फिल्म में ढालना था। इसके लिए हमने हर तरह से स्टडी किया। उड्डयन इंडस्ट्री के कामकाज के तरीके, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की भूमिका और फिर पायलट कैसे काम करते हैं, इन सभी पहलुओं पर ध्यान दिया गया। पायलट को देखने के बाद अक्सर उनके स्टाइल और लुक्स की प्रशंसा की जाती है, लेकिन लोग ये गौर नहीं करते कि उन पर किन लोगों की जिम्मेदारी होती है।

फिल्म के साथ आपने एक पायलट की जिंदगी को जिया है, कितना चुनौतीपूर्ण होता है उनका काम?

पायलट की जिंदगी कई चुनौतियों से भरी होती है। आपात स्थिति में जब घर वालों को संभालना मुश्किल हो जाता है तो पैसेंजर्स को संभालने में क्या हाल होता होगा। ऐसे मौकों पर पायलट को शांतिपूर्ण ढंग से जहाज और पैसेंजर, दोनों को संभालना होता है। उनपर जो भार होता है ये वही समझ सकते हैं। 

अमिताभ बच्चन को फिल्म ऑफर करने पर उनकी क्या प्रतिक्रिया थी, उनके साथ ‘रनवे 34’ का ये सफर कैसा रहा?

बच्चन सर ने फिल्म की स्क्रिप्ट सुनते ही उसके लिए हामी भर दी। उनके फिल्म का किरदार और इसकी कहानी बेहद पसंद आई। मैं इस असमंजस में था कि अगर फिल्म में बिग बी ने काम करने से इनकार कर दिया तो मैं किसे कास्ट करूंगा। फिल्म में उनके और मेरे बीच जो विवाद है और जिस तरह की पर्सनालिटी है, मुझे नहीं लगता ये रोल कोई और कर सकता था। वें 11 बजे का टाइम देकर सेट पर 9.30 बजे ही आ जाते थे। वो जो कहते थे उससे ज्यादा करते थे। अमित जी के साथ काम करना सबसे आसन है। कोशिश तो यही है कि जब तक काम कर सकता हूं, करता रहूंगा। 

हिंदी और दक्षिण सिनेमा के बीच काफी तुलना की जा रही है, इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

हम ना हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और ही दक्षिण फिल्म जगत से बल्कि हम सब भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा है। सभी ने यही से सीखा है और इसी देश में मिलकर रहते हैं। जो फर्क है वो केवल भाषा का है और जब इन फिल्मों को डब करके देश में कहीं भी रिलीज किया जाता है तो लोग उसे उतना ही प्यार देते हैं।