पुणे

Published: May 13, 2022 02:53 PM IST

Pimpri-Chinchwad Mahanagar Palikaदिव्यांगों को उच्च शिक्षा हेतु वित्त सहायता में वृद्धि, 25 हजार की बजाय मिलेंगे एक लाख

कंटेन्ट राइटरनवभारत.कॉम
कंटेन्ट एडिटरनवभारत.कॉम

पिंपरी : बारहवीं कक्षा के बाद विकलांग छात्रों (Students With Disabilities) को चिकित्सा (Medical), इंजीनियरिंग (Engineering) और व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) के लिए महानगरपालिका (Municipal Corporation) द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता में काफी वृद्धि (Rise) की गई है। पिंपरी-चिंचवड (Pimpri-Chinchwad) महानगरपालिका कमिश्नर और प्रशासक राजेश पाटिल (Rajesh Patil) ने बताया कि पहले वर्ष के लिए 25,000 रुपए की जगह एक लाख रुपए की आर्थिक (Economic) सहायता दी जाएगी।

लाभ दिलाने के लिए महानगरपालिका ने उठाया कदम

महानगरपालिका के सामाजिक विकास विभाग के माध्यम से शहर के विभिन्न वर्गों के लिए कई योजनाएं संचालित की जाती हैं। इनमें से कुछ योजनाओं में संशोधन किया गया है। जरूरतमंदों को उचित लाभ दिलाने के लिए महानगरपालिका ने कदम उठाए हैं। विभिन्न कारकों को लाभ पहुंचाते हुए योजनाओं को समग्र दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। महानगरपालिका विकलांगों के लिए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहा है और विकलांग छात्रों की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक योजना लागू की जा रही है। 

अब तक विकलांग छात्रों को एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीडीएस, बीयूएमएस, एमबीए कोर्स के प्रथम वर्ष के लिए 25,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती थी। अब इस आर्थिक सहायता को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इसमें शिक्षा की नई शाखाएं भी शामिल हैं। बैचलर ऑफ आर्किटेक्ट (बी आर्क), बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटीएच), बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी फार्म), बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस (बीवीएससी) एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीडीएस, बीयूएमएस इन शिक्षा शाखाओं को शामिल किया गया है वहीं एमबीए को योजना से बाहर रखा गया है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए शर्तें निर्धारित की गई हैं। संबंधित आवेदक पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका क्षेत्र का निवासी होना चाहिए। आवेदक के पास आवेदन के साथ अपने आधार कार्ड की एक प्रति, अपने नाम के साथ मतदाता पहचान पत्र या मतदाता सूची की एक प्रति, 40% या उससे अधिक की विकलांगता के संबंध में सरकारी या अर्ध-सरकारी अस्पताल से चिकित्सा प्रमाण पत्र, प्रथम वर्ष के प्रवेश शुल्क की रसीद होनी चाहिए। कॉलेज में, वास्तविक प्रमाण पत्र, या मेरिट सीट प्रवेश पत्र, पिछले वर्ष में उत्तीर्ण अंक पत्र की एक प्रति और बैंक पासबुक की एक प्रति जोड़नी होगी। कमिश्नर पाटिल ने कहा कि निःशक्तजनों को शिक्षा एवं सामाजिक समावेश के साथ-साथ उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में लाने तथा उन्हें रोजगार एवं व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महानगरपालिका द्वारा यह योजना लागू की जा रही है।