उत्तर प्रदेश

Published: May 21, 2022 08:02 PM IST

UP Newsकिसी भी योजना में ओवरलैपिंग या डुप्लीकेसी ना होने पाए: केशव प्रसाद मौर्य

कंटेन्ट राइटरनवभारत.कॉम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya) ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी योजना में ओवरलैपिंग (Overlapping) या डुप्लीकेसी (Duplicity) न होने पाए। केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रेरणा ओजस और बलिनी योजना की सराहना करते सभी योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए समय सारिणी बनाकर कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। केशव प्रसाद मौर्य गन्ना संस्थान सभागार में ग्रामीण आजीविका मिशन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे।

समीक्षा बैठक में ‘प्रेरणा ओजस’ योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रेरणा ओजस कंपनी द्वारा सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों को सोलर लैंप उपलब्ध कराए गए हैं। 2225 सोलर समूह सदस्यों को सोलर लैंप असेंबली के लिए प्रशिक्षित किया गया और तकनीकी प्रशिक्षण उपरांत बहुत बड़ी तादाद में सोलर लैंप असेम्बल किये गए। सोलर लैंप असेंम्बल के सापेक्ष 12 रुपए प्रति लैम्प समूह सदस्यों को प्रदान किया गया। इस तरह से प्रति समूह सदस्य द्वारा 6500 से 7500 रुपए मासिक मानदेय प्राप्त किया गया। अध्यापकों के साथ समन्वय कर प्रचार-प्रसार करते हुए लगभग 28 लाख सोलर लैंप की उपलब्धता विद्यार्थियों को सुनिश्चित की गई है।

सार्थक और सकारात्मक प्रयास किए जाएं

बलिनी मिल्क प्रोडक्शन कंपनी वैल्यू चैन के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि बुंदेलखंड में बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से महिला सदस्यों द्वारा 1 लाख 22 हजार लीटर मिल्क संग्रहण का कार्य किया जा रहा है और अब तक 245 करोड़ रुपए का कारोबार करते हुए 13.34 करोड़ रुपए का लाभांश अर्जित किया गया। इस तरह की चार और कम्पनियों के संचालन की कार्रवाई की जा रही है। यह दूध मदर डेयरी को सप्लाई की जाती है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस तरह कि महत्वाकांक्षी और महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलम्बन की ओर अग्रसर कर रही कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाए और ज्यादा से ज्यादा कंपनियां स्थापित करने के सार्थक और सकारात्मक प्रयास किए जाएं।