Agriculture center investigated on farmer's complaint

अकोला. किसानों को बीज उपलब्ध करवाने के लिए 15 लाख रु. का प्रावधान किया गया था. किंतु इसके लिए 29 हजार आवेदन प्राप्त होने से अन्य विभाग का निधि कृषि विभाग की ओर दिये जाने से सत्ताधारी व प्रतिपक्ष के बीच विवाद उत्पन्न हुआ है. प्रतिपक्ष का कहना है कि इस योजना का कोई विरोध नहीं है किंतु इसमें तकनीकी अड़चने आ सकती हैं. अंत में सर्वसम्मति से 1 करोड़ 18 लाख 43 हजार रुपये के हस्तांतरण को मंजूरी दी गयी. जि.प. अध्यक्षा प्रतीभा भोजने की अनुमति से  मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा.सुभाष पवार की सूचना पर कृषि वस्तिार अधिकारी डा.मुरलीधर इंगले ने 90 प्रश अनुदान पर सर्वसाधारण किसानों को बीटी कपास के बीज वितरण के लिए मूलतह 15 लाख रु. तथा अन्य योजनाओं के 1 करोड़ 3 लाख 43 हजार रु. हस्तांतरण का प्रस्ताव रखा. इसे सभागृह द्वारा मंजूर किया गया. पहले ही बीज खरीदने वाले किसानों को लाभ प्रदान करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया.

इस मुद्दे को लेकर डा.प्रशांत अढाऊ, गोपाल दातकर, गजानन पुंडकर ने सत्ताधारी हमारी आवाज दबा रहे हैं यह मुद्दा उपस्थित किया. उन्होंने कहा, हम किसान विरोधी नहीं हैं, लेकिन सत्ताधारी दल का दृष्टिकोण गलत है. इसका उत्तर सत्तारूढ़ दल के ज्ञानेश्वर सुल्ताने ने दिया. उन्होंने कहा हमने दिखाया है कि हम किसानों की तरफ हैं. सभा के प्रारंभ में गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गयी. ज्ञानेश्वर सुल्ताने ने आत्महत्या करने वाले किसान की बेटी की शादी के लिए आयुर्वेद अस्पताल में दवाइयों की आपूर्ति के 21,000 रुपये का प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा. इसे मंजूर कर लिया गया. नर्मिाण कार्य विभाग पर जल आपूर्ति योजना का पैसा खर्च करने के लिए गोपाल दातकर, डा.अढाऊ ने विरोध किया.

64 ग्राम जलापूर्ति योजना के 1 करोड़ 10 लाख रु. में से 10 लाख रु. व स्वास्थ्य विभाग के किचन शेड के 10 लाख इस तरह कुल 20 लाख रु. देने की मंजूरी दी गयी. इसी तरह श्वानदंश टिके के लिए 5 लाख रु. का प्रावधान करने की मंजूरी दी गयी. जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा.असोले ने इस संदर्भ में सूचना दी. इसी तरह अंदुरा स्थित वद्यिा मंदिर शाला के इमारत की हालत दयनीय हुई है. जिससे जि.प. नर्मिाण कार्य की जम्मिेदारी लें, यह मांग रामा फाटकर ने की और इस संदर्भ में शक्षिा समिति सभापति पांडे गुरुजी ध्यान देंगे इस पर सभी ने सहमति जतायी. जि.प. अधिकारी आदेशों का पालन करते नहीं है, यह आरोप चंद्रशेखर चिंचोलकर ने लगाया. उन्होंने कहा कि स्थानीय समिति द्वारा लिये गए नर्णियों पर अधिकारी अमल नहीं करते हैं. पं.स. स्तर पर बीडीओ, ग्रामविकास अधिकारी  वसूली की ओर ध्यान दें और प्रत्येक माह की सभा में बीडीओ वसूली की रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

दातकर ने कहा कि पांढुर्णा स्थित जलापूर्ति की स्थिति का विषय गंभीर है, इसे मंजूरी दी जाए. लेकिन सचिव की ओर यह मामला नहीं आने से इसे कैसे मंजूरी दी जा सकती है इस मुद्दे पर विवाद हुआ. सभा में पिछली सभा का इतिवृत्त कायम करना, 2019-20 का सुधारित व सन 2020-21 का मूल बजट को मंजुरी देना, जि.प. की धारा 252 के तहत आस्थापना सूची को मंजूरी देना, दयनीय स्कूलों की कक्षाएं गिराने की मंजूरी देना, ग्रा.पं. काटीपाटी की इमारत गिराने की मंजूरी, रोहणा ग्राम पंचायत की इमारत गिराने की मंजूरी आदि विषय मंजूर किए गए. जि.प. उपाध्यक्षा सावत्रिी राठोड़, सभापति चंद्रशेखर पांडे गुरुजी, पंजाबराव वडाल, आकाश शिरसाट, मनीषा बोर्डे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा.सुभाष पवार उपस्थित थे.  सचिव के रुप में उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज गोहाड ने सभा का कामकाज संभाला.