Banking loan waiver scheme Hundreds of farmers are deprived of benefits

    • बीजों की कमी से अतिरिक्त दरों पर बीज बिक्री

    पातुर. शहर तथ तहसील में हजारों किसानों ने सरकारी नियमों के अनुसार जनवरी में कर्ज माफी के लिए आवेदन किया है और किसान कर्ज माफ की उम्मीद कर रहे थे. वही कर्ज की राशि किसानों के खाते में भी जमा नही किया गया. जिससे बुआई के समय पैसा नही मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. किसान पैसों के लिए बैंक के चक्कर काट रहे है.

    एक ओर आधे से ज्यादा किसानों का कर्ज माफ नही हुआ. वही दूसरी तरफ किसानों के खाते में पैसा नहीं आया. जिससे किसान चिंतित हैं. बुआई के समय में पैसा नही मिला. जिससे किसानों के पास बीज और खाद खरीदने और बुआई के लिए पैसे नहीं हैं. शहर तथा तहसील के ग्रामीण अंचल में बारिश का आगमन हुआ.

    इसलिए किसानों ने अपने पल्ले का जितना पैसा था, वह खेती बुआई योग्य करने के लिए खर्च किया. अब बीज और खाद खरीदकर बुआई के लिए किसानों के पास पैसा नही है. किसानों के खातों में पैसा भी डाला नही, कर्ज भी माफ नही हुआ, इस को लेकर सरकार किसान के साथ मजाक तथा खिलवाड़ करने का आरोप किसान कर रहे है.

    इतना ही नही तो बीज और खाद की कमी कर किसान चारो ओर से परेशानियों से घिरा हुआ है. बीज की बड़े पैमाने पर कमी पैदा की जा रही है. जिससे किसानों पर अधिक दरों पर बीज खरीदने की नौबत आई है. किसान कर्ज माफी तथा उन्हें बुआई के लिए फसल कर्ज देने के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है. किसानों की बढ़ती परेशानियों को नजर अंदाज किए जाने की चर्चा हो रही है.