निर्देशों के पालन के साथ प्राचीन विट्ठल मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जाए: विधायक गोवर्धन शर्मा

    अकोला. शहर में एक प्राचीन (318 वर्ष पुराना) विट्ठल रुक्माई मंदिर है. इन दिनों वारकरियों के लिए पंढरपुर जाना संभव नहीं था जिससे आषाढ़ी एकादशी निमित्त वरकरियों को दर्शन का लाभ मिल सके इस उद्देश्य से 20 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की सूचनाओं का पालन करते हुए पुराना शहर के विठ्ठल मंदिर में भक्तों को दर्शन की अनुमति दी जाए यह मांग श्रीरामनवमी शोभायात्रा समिति के सर्वसेवाधिकारी, अकोला पश्चिम के विधायक गोवर्धन शर्मा ने जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर से एक निवेदन के माध्यम से की है.

    कोविद-19 की व्यापकता और सरकारी आदेश को ध्यान में रखते हुए, पुराने शहर के विट्ठल रुकमाई मंदिर, सावंतवाड़ी में विट्ठल हनुमान मंदिर, उमरी में विट्ठल मंदिर और मालीपुरा के जवाहर नगर में स्थित विट्ठल मंदिर में जाने की अनुमति दी जानी चाहिए, यह मांग विधायक गोवर्धन शर्मा ने की है. प्रतिवर्ष अनेक भक्तगण पंढरपुर की यात्रा नियमित रूप से करते आए हैं. अगर उन्हें अनुमति नहीं दी जाती है तो उनकी प्रतिवर्ष की यात्रा में खंड पड़ सकता है.

    पंढरपुर में पांच सौ लोगों को अनुमति दी गई है, इसी तर्ज पर अकोला के मंदिरों में भक्तों को दर्शन की अनुमति दी जाए यह मांग की गयी है. मंदिर में भीड़ न हो, प्रसाद का वितरण न हो और मंदिर के सामने भीड़ न हो इस स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए जिलाधिकारी ने मंदिर संस्थान को विषम परिस्थितियों में अनुमति देनी चाहिए.

    उन्होंने यह भी मांग की है कि इस संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए. क्योंकि पुराने शहर में विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर का 318 साल का इतिहास है और कौंडन्यापुर रुक्मिणी के जन्मस्थान के बाद, यह मंदिर महत्वपूर्ण है. जिससे भक्तों को आषाढ़ी एकादशी निमित्त अनुमति मिलनी चाहिए यह मांग निवेदन में विधायक गोवर्धन शर्मा ने की है.