100 percent success in Aurangabad for Bharat Bandh, all shops closed

    अमरावती. कोरोना की लड़ाई में व्यापारियों ने हमेशा ही सरकार का साथ दिया है, लेकिन यह लड़ाई लंबी चलने वाली है. ऐसे में व्यापारियों को अपने साथ-साथ उनके कर्मियों की रोजी-रोटी भी बचानी है.  गत् वर्ष साडे 5 माह का लॉकडाउन और इस वर्ष ढाई माह के लॉकडाउन का पालन करने से व्यापार अस्थिर हो चुका है.

    जिसके चलते 1 जून से प्रतिष्ठान सुबह 10 से 4 तक खोलने अथवा ऑड-ईवन प्रणाली के तहत खोलने की अनुमति देने की मांग व्यापारियों ने की है. इस समय कांग्रेस शहर अध्यक्ष बबलू शेखावत व पूर्व मेयर विलास इंगोले ने भी व्यापारियों का पक्ष मजबूती से रखा. 

    लाकडाउन से व्यापार डूबने की कगार पर

    अमरावती पहुंचे पुनर्वास कैबिनेट मंत्री विजय वडेट्टीवार से व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने चर्चा कर उनसे गुहार लगाई. ज्ञापन सौंपते समय अध्यक्ष सुरेश जैन ने कहा कि कोरोना से लड़ते समय अपना कारोबार बचाना अब जरूरी हो गया है. कड़े नियमों के तहत मार्केट शुरू रखने की मांग व्यापारियों द्वारा की जा रही है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केवल जीवनावश्यक वस्तुओं के प्रतिष्ठान शुरू रखे गए.

    इस वर्ष ढाई महीने से व्यापारियों ने प्रतिसाद दिया है.अब प्रतिष्ठान में काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन के साथ बिजली, बिल टैक्स आदि निकालना मुश्किल हो रहा है.

    शहर में कम हो रही मरिजों की संख्या

    शहर में अब जब संख्या कम होती जा रही है. इसीलिए प्रशासन ने सुबह 10 से 4 अथवा 7 से 1 बजे तक खोलने की अनुमति देनी चाहिए या फिर ऑड-ईवन प्रणाली के तहत मार्केट शुरू रखने के आदेश देने चाहिए. शहर में 60 से 70 के आसपास मरीज है. पॉजिटिव की संख्या भी कम होती जा रही है. ऐसे में व्यापार बंद रखना व्यापारियों पर अन्याय करने जैसा होगा.

    इसलिए प्रशासन को आदेश देकर व्यापारियों को न्याय देने की गुहार महानगर चेंबर ऑफ अमरावती महानगर मर्चेंट एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सुरेश जैन ने लगाई है. उनके साथ सचिव घनश्याम राठी, कोषाध्यक्ष जयंत कामदार, अतुल कलमकर, बकुल कक्कड़, अशोक राठी आदि उपस्थित थे.