The entire Rana family infected, security guards caught everyone

अमरावती. शासन की अनुमति लिये बगैर ही भीमटेकडी में स्थित डा. बाबासाहब आंबेडकर के पूतले का लोकार्पण किये जाने के आरोप से विधायक रवि राणा समेत युवा स्वाभिमान के कार्यकर्ताओं को बुधवार को जिला व सत्र अदालत ने सबूत के अभाव में निर्दोष बरी कर दिया है. न्यायदंडाधिकारी कोर्ट क्रमांक 3 एसए देशपांडे की अदालत ने यह फैसला सुनाया. 

अनुमति के बगैर ही लोकार्पण किये जाने का आरोप 
डा. बाबासाहब आंबेडकर के जयंति के उपलक्ष्य में 13 अप्रैल 2016 को विधायक रवि राणा ने भीमटेकडी विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में डा. बाबासाहब आंबेडकर के पूर्णाकृति पुतलें का लोकार्पण किया गया. विधायक राणा ने शासन की अनुमति के बगैर ही लोकार्पण किये जाने का आरोप शाखा अभियंता नंदकिशोर तिखिले ने पुलिस शिकायत में किया है.

उसके अनुसार ही पुलिस ने विधायक रवि राणा के साथ पार्षद व शिक्षा सभापति आशिष गांवडे, शहराध्यक्ष संजय हिंगासपुरे, आश्विन उके, घनश्याम आकोडे, गौतम हिरे, उत्तमराव बोरकर, जग्गनाथ मेश्राम आदि पर भादंवि की धारा 447 व महाराष्ट्र स्लैम एरिया एक्ट 1971 की कलम 37 के अनुसार मामले दर्ज किये है.

इस संदर्भ में कोर्ट की सुनवाई के दौरान आरोपी पार्टी से एड. दीप मिश्रा व एड. सुधीर तायडे ने जिराह किया. सरकारी अभियोक्ता एस आर पवार ने पक्ष रखा. दोनों पार्टियों के जिराह के बाद बाइज्जत बरी किया. 

मुलभूत अधिकार का पालन, अपराध नहीं किया
संविधान का विजय, संविधान ने जो अधिकार दिये है, उसी चौकट में कानून का आदर कर हम मुलभूत अधिकार का पालन करते है. महामानव के पूतले का लोकार्पण किया, कोई अपराध नहीं किया. आखिरकार सत्य की ही जीत हुई है. यह विजय केवल मेरे अकेले का नहीं तो सभी आंबेडकरी जनता का है. इसलिए अदालत ने हमें बाइज्जत बरी कर दिया.- रवि राणा, विधायक बडनेरा