18 घंटे अटके रहे सैकड़ों यात्री, पहले खर्डी व बाद में वाशींद में रुकी रही अंबा ट्रेन

    अमरावती. मुंबई में लगातार मूसलाधार बारिश ने ट्रेनों के पहिए रोक दिए. मुंबई से बुधवार को शाम 7.55 बजे छूटी अंबा एक्सप्रेस पहले खर्डी और बाद में वाशींद में 18 घंटे अटकी रही. जिससे सैकड़ों यात्रियों के हाल-बेहाल हो गए. वाशींद में रेल कर्मी व कामगार सेना के पदाधिकारी वायकर ने मानवियता का परिचय देते सैकड़ों यात्रियों के लिए अपने घर से पोहे, नाश्ता, बच्चों को दूध, चाय व भोजन की व्यवस्था की.

    अधिकांश यात्री अमरावती के थे. जिसमें शामिल डा. चंदू सोजतिया ने आंखों देखी बयान कर बेहाल यात्रियों के साथ रेल प्रशासन की असंवेदनशीलता का भंड़ाफोड़ किया. रेल राज्यमंत्री के राज्य में इस तरह आपदा में फंसे यात्रियों की संकटकाल में कोई सुविधा नहीं किये जाने को लेकर यात्रियों में रेल प्रशासन को लेकर गुस्सा देखा जा रहा है. 

    तीन जगह रुकावटें

    कसारा घाट में भूस्खलन के कारण बुधवार की शाम करीब 8 बजे मुंबई से अमरावती रवाना हुई अंबा एक्सप्रेस लगभग 40 किलोमीटर दूर खर्डी स्टेशन पर जाकर रात भर रुक गई. इस भूस्खलन से विभिन्न तीन जगहों के ट्रैक पर रुकावटें आ गयी. जिसके चलते नागपुर दुरंतो, पंजाब मेल, अमरावती एक्सप्रेस थम गई. अंबा एक्सप्रेस रास्ता साफ न होने की वजह से सुबह खर्डी से वापस कल्याण के लिए निकली, लेकिन अगले स्टेशन वाशिंद के बाद ट्रेन को रोक दिया गया, क्योंकि आगे डैम का पानी छोडे जाने से पुलिया पर पानी भर गया था. 

    ट्रेन कंडक्टर ने की यात्रियों की मदद

    ट्रेन जंगल में अटकने से यात्री परेशान हो गए थे. वहां पर चाय, पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी. ऐसे बीकट स्थिति में अमरावती से चलने वाले ट्रेन कंडक्टर एसएम जाधव व उनकी टीम ने यात्रियों के परेशानी देखकर स्थानीक शिवसेना विधायक को फोन लगाया और यात्रियों की चाय, पानी बिस्किट की व्यवस्था कराई. हालांकि असंवेदनशील रेलवे प्रशासन का कोई अधिकारी यात्रियों की सुध लेने नहीं पहुंचा.

    लेकिन एसएम जाधव व उनकी टीम के एमआर डाप्ट, आरके  तिवारी, बीजे निमभड़कर ने मानवता का परिचय देकर जंगल में यात्रियों को राहत दिलाई और सभी कोच में खुद व्यक्तिगत जाकर पूछ परख की. इस काम में वाशिंद रेलवे स्टेशन शिवसेना कामगार सेना के शाखा प्रमुख वायकर ने भी सहयोग दिया.