तिल गुड घ्या गोड-गोड बोला, मकर संक्रांति पर बंटेगी खुशियां

  • उड़ेंगी पतंगें, जलेंगे अलाव 

अमरावती. पिछले चार वर्षों से 15 जनवरी को मनाई जाने वाली मकर संक्रांति इस वर्ष 14 जनवरी को आयी है. कोरोना के चलते गत् वर्ष कोई भी त्यौहार धूमधाम से मना नहीं पाए. नए वर्ष का नया त्यौहार धूमधाम से मनाने का प्लानिंग किया जा रहा है. यह महिलाओं का त्यौहार होने के चलते कोरोना पर संक्रांति आ चुकी है. मार्केट में भी संक्रांति के लिए महिलाओं की ही रिकार्ड़ तोड़ भीड़ उमड़ रही हैं.

वहीं दूसरी ओर सुबह से ही पतंग उड़ाने का नियोजन भी पूर्ण किया है. परिणामत: पतंगों की दूकानों पर भी अधिकांश भीड़ दिखाई दी. इस त्यौहार को सीख समाज में लोहड़ी के नाम से जाना जाता है. जिले में 553 ग्राम पंचायतों के लिए शुक्रवार को मतदान के पहले मकर संक्रांति उम्मीदवारों के लिए वोटरों के पास अंतिम गुहार लगाने का मौका बनकर आई है. 

हल्दी-कूमकूम की रहेंगी धूम

अधिकांश महिलाओं का हल्दी-कूमकूम कार्यक्रम भी इसी दिन से शुरू होते हैं. इस वर्ष महिलाओं को हल्दी कूमकूम कार्यक्रम के लिए भी 15 दिनों का समय मिलने वाला हैं. नए वर्ष का नया त्यौहार मिठास और मिठा बोलकर मनाने का आह्वान किया जाता है. तिल गुड़ घ्या आणि गोड़ गोड़ बोला, कहकर बधाइयां देने जमकर तैयारियों हो चुकी है. महिलाओं के सजने संवरने के दिन रहने से मार्केट में भी अधिकांश तौर पर महिलाओं की ही भीड़ दिखाई दे रही है. कई महिलाएं तिल्ली के लड्डू, तिल्ली की पट्टी बनाने में व्यस्त है. 

वोटरों को लुभाने ग्रापं उम्मीदवार भी जुटेंगे  

नए वर्ष का पहला त्यौहार है. इस वर्ष को वेलकम करने के लिए बोन फायर का आयोजन किया जाता है. धूमधाम से नाच गाने के साथ वेलकम किया जाता है. मान्यता है कि इस दिनों फसलें किसान घर लाते है. कड़ी ठंड भी कम होने लगती है. इसलिए हर कोई मुंह मिठा कर और अलाव जलाकर नए वर्ष का पहला त्यौहार पर खुशियों के साथ मनाने जुटे है. घर-घर में भी बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. जिसके चलते इस वर्ष का त्योहार काफी खुशियों भरा होगा. 

मंदिरों में भीड़ की संभावनाएं 

शास्त्र के अनुसार इस दिन सूर्य का संक्रमण होता है तो संक्रांति का पुण्यकाल उसी दिन रहता है. जिसके चलते धार्मिक स्थलों पर भाविक भक्तों की भीड़ उमड़ने की संभावना है. वहीं दूसरी ओर मकर संक्रांति को शुभ माने जाने से दान करना भी फलदायी है. ग्राम पंचायत चुनाव के मद्देनजर उम्मीदवार भी मकर संक्रांति का जमकर लाभ उठाने योजना बना रहे है. 

पतंग उड़ाते समय बिजली यंत्रों से सावधान रहे 

मकरसंक्रांति का त्योहार पतंगोत्सव मनाकर किया जाता है. लेकिन इस दौरान उच्च व लघू दाब की बिजली वाहिनी, फिड़र व बिजली यंत्र से सावधानी बरतने का आह्वान महावितरण अमरावती परिमंडल की ओर से किया गया है. पतंग व मांजा की विक्री के दूकाने भी सज गई है. त्योहार खुशियां लाता है इसलिए पतंग उड़ाते समय बिजली के तार व  पोल से सावधानी बरते.

तारों में अटकी हुई पतंग, लाठी, लोहे की सलाख के माध्यम से निकालने का प्रयास नहीं करें. ऐसे समय कई बार जीवित बिजली तार को स्पर्श होने से जीवितहानी हो सकती है. कई बार पतंग का मांजा जमीन पर लटका देख बच्चे मांजा को खींचने का प्रयास करते है, लेकिन शॉर्ट सर्किट से जनहानि होने की संभावना होती है. धातू मिश्रित मांजा धोखादायी होता है. इसलिए उसका इस्तेमाल नहीं करने का आह्वान भी उन्होंने किया है. 

हस्ताक्षर अभियान से संक्रांति पर्व 

महानगरपालिका के पर्यावरण विभाग की ओर से मेरी वसुंधरा अभियान के तहत राजकमल चौक पर संत सिताराम बाबा मार्केट में सुबह 11 से शाम 5 बजे तक हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया है. इस अभियान में हस्ताक्षर कर शहर के नागरिकों ने अपना नाम दर्ज कराना चाहिए. 

युवा स्वाभिमान का पतंगोत्सव आज 

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर युवा स्वाभिमान पार्टी की ओर से सांसद नवनीत राणा व विधायक रवि राणा की उपस्थिति में पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया है. छत्री तालाब के पास मैदान में दोपहर 12 बजे यह त्योहार मनाया जाएगा. अधिकांश बच्चे व नागरिकों को इस महोत्सव में हिस्सा लेने का आह्वान सांसद नवनीत राणा ने किया है. 

अलाव जलाकर गीत-संगीत कार्यक्रम 

नए वर्ष का नया त्योहार रहने से पंजाब के साथ सीख समाज इस त्योहार को धुमधाम से मनाता है. नए वर्ष को वेलकम करने के लिए बोन फायर (अलाव) जलाने का आयोजन किया जाता है. धूमधाम से गीत संगीत  के साथ स्वागत किया जाता है. मान्यता है कि इस दिनों फसलें किसान घर लाते है. कड़ी ठंड भी इसी दिन से कम होने लगती है. इसलिए हर कोई मुंह मिठा कर और अलाव जलाकर नए वर्ष का नया त्योहार पर खुशियों के साथ मनाते है. हमारे घर में भी बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया है. जिसके चलते इस वर्ष का त्योहार काफी खुशियों भरा होगा. – पम्मी मोंगा, महिला