Bhandara Election

अमरावती. शिक्षक विधायक चुनाव अब रोमांचक मोड़ पर आ गया है 1 दिसंबर को होने वाले मतदान को लेकर सभी उम्मीदवारों ने पूरी ताकत झोंक दी है.  इस चुनाव को लेकर गली मोहल्लों के शिक्षकों व अन्य मतदाताओं में चर्चाएं तेज होने लगी है. चुनाव में कांटे का मुकाबला होने के आसार दिख रहे है.

शिवसेना प्रत्याशी प्रा. श्रीकांत देशपांडे, भाजपा उम्मीदवार डा. नितिन धांडे, शिक्षक महासंघ के चंद्रशेखर उर्फ शेखर भोयर, शिक्षण संघर्ष समिति की संगीता शिंदे, विमाशि के प्रकाश कालबांडे भी चुनावी मैदान में पूरा दम लगा रहे हैं. रविवार शाम 5 बजे के बाद प्रचार थम जाएंगा. जिससे गुप्त बैठकों का दौर चलेगा.

सत्ता  परिवर्तन का होगा असर

शिक्षक विधायक चुनाव को लेकर अमरावती निर्वाचन क्षेत्र पर पूरे विदर्भ की नजरें रहती है. इस बार चुनाव में 27 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे है. जिनमें शिवसेना के प्रत्याशी के रुप में प्रा. श्रीकांत देशपांडे तीसरी बार चुनावी मैदान में है. वे पिछली बार चुनाव जीत चुके हैं.  जिससे उन्हे चुनाव का अच्छा अनुभव है. उस पर राज्य में इस समय महाविकास अघाड़ी का सत्ता है.

शिवसेना सहित कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस के पदाघिकारी व कार्यकर्ता भी उनके लिए प्रचार कर रहे हैं. वहीं शेखर भोयर दूसरी बार मैदान में उतरे है. गत् चुनाव में भले ही उन्हें पराजय मिली लेकिन उनके लगातार कामों के चलते उनका मतदाताओं में उनकी अच्छी पहचान व पकड़ है. कई बार वे आंदोलन कर चुके है. जिसकी दखल भी सरकार ने ली है.

बीजेपी की साख धांडे के कांधे पर

भले ही केन्द्र में बीजेपी की सरकार है. लेकिन राज्य में महाविकास आघाड़ी की नेतृत्व है. अमरावती जिले की 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से केवल धामणगांव रेलवे में ही बीजेपी विधायक प्रताप अड़सड़ नेतृत्व कर रहे हैं. जिप पर कांग्रेस के हाथ में है. कई स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा. ऐसे में अब इस चुनाव में बीजेपी की साख बचाने का दारोमदार डा. नितिन धांडे पर है. उनके लिए बीजेपी के अधिकांश पदाधिकारी व कार्यकर्ता प्रचार में जुटे हुए हैं.

आज थमेगा प्रचार

मतदान से चौबीस घंटे पहले यानी रविवार 29 नवंबर को उम्मीदवारों के प्रचार पर वीराम लगेगा. लगभग दो सप्ताह से प्रत्याशियों की पांच जिलो में शुरु भागदौड़ भी थमेगी. जिसके बाद गुप्त सभाओं व अंतिम चुनावी पैतरों का दौर चलेगा.