Good orange days - Corona boosted sentiment
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    मोर्शी. विदर्भ के मोर्शी, वरुड, अचलपुर, कलमेश्वर, काटोल, वरखेड तहसील से डेढ़ लाख मैट्रिक टन संतरे का उत्पादन होता है. जिसमें से सर्वाधिक 78 हजार मैट्रिक टन संतरा एकमात्र बांग्लादेश को निर्यात किया जाता है. नागपुर संतरे के लिए सबसे बड़ा आयतदार बांग्लादेश ने आयात शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है. जिससे निर्यात प्रभावित हो रही है.

    इसीलिए केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप कर बांग्लादेश सरकार द्वारा बढ़ाया आयात शुल्क कम करने की मांग को लेकर विधायक देवेंद्र भुयार ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की. जिस पर मंत्री गडकरी ने बांग्लादेश सरकार से चर्चा कर सहयोग से यह मुद्दा छुडाने तथा संतरा उत्पादक किसानों की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया.

    फलोत्पादन क्लस्टर में हो संतरे का समावेश 

    भूयार ने कहा कि पथदर्शी फलोत्पादन क्लस्टर विकास कार्यक्रम केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मंडल के माध्यम से फलोत्पादन समूह विकास कार्यक्रम से देश के विभिन्न फलों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ उसका मूल्यवर्धन होने के उद्देश्य से घोषणा की है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय अंतर्गत इस कार्यक्रम का अमल किया जाएगा, लेकिन मुख्य क्लस्टर से विदर्भ का मुख्य फल संतरे को शामिल नहीं किया है.

    इसीलिए इस कार्यक्रम में संतरे को शामिल करने की मांग भूयार ने की. साथ ही एमएसएमइ अंतर्गत विदर्भ एग्रो विजन प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड व संलग्नीत किसान उत्पादक कंपनी के माध्यम से संतरा प्रक्रिया प्रकल्प तैयार करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया था. इसलिए यह प्रकल्प निर्मिति को लेकर भी जल्द से जल्द कार्यान्वित करने की मांग भूयार ने की. उनके साथ जेडपी सदस्य राजेंद्र बहुरुपी, पूर्व पंचायत समिति सभापति निलेश मर्गदे, मयूर उमरकर आदि उपस्थित थे.