सैलानियों के बगैर मनेगा विश्व पर्यटन दिवस

  • शोकांतिका : कोरोना के चलते टूरीस्ट प्लेस वीरान

अमरावती. 27 सितंबर विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाता है. लेकिन इतिहास में पहली बार इस दिन पर्यटन स्थल विरान पडे है. कोरोना महामारी के कारण सरकार ने पर्यटन स्थलों पर सैलानियों के आवागमन पर पाबंदी लगाई है. हालांकि कोरोना संक्रमण का जोखीम उठाकर प्रशासन की नजरे बचाते कुछ अतिउत्साही लोग पर्यटन स्थलों की सैर कर रहे है, लेकिन ऐसे सैलानियों की तादाद नगण्य है.

करोडों की क्षति

पर्यटन किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होती है. कई देशों की अर्थव्यवस्था पर्यटन उद्योग के इर्द-गिर्द घूमती है. भारत में भी पर्यटन अर्थव्यवस्था का बैक बोन है. लेकिन कोरोना महामारी के कारण पर्यटन व्यवसाय ठप है. जिले में भी पर्यटन स्थल बंद होने से करोडों का कारोबार प्रभावित हुआ है.

कई बेरोजगार

कोरोना महामारी के चलते लागू लॉकडाउन में मार्च माह से पर्यटन ठप है. पर्यटन से जुडे व्यवसाय पर निर्भर हजारों लोग बिते छह माह से बेरोजगार है. होटल, ट्रांसपोर्ट, रेस्टारंट, खाद्य पदार्थ विक्रेता आदि व्यवसायीयो पर भूखमरी की नौबत आन पडी है. इन पर परिवार का पालन पोषण निर्भर होने से यह सभी कोरोना संकट से मुक्ति के साथ पर्यटन व्यवसाय शुरु होने का इंतजार कर रहे है.

एक से बढकर एक पर्यटन स्थल

जिले में एक से बढकर एक पर्यटन स्थल है. चिखलदरा, मेलघाट प्रमुख टुरिस्ट प्लेस है. चिखलदरा में गाविलगड किला, देवी प्वाईंट, पंचबोल पॉइंट, भीमकुंड, कलाल कुंड आदि पर अक्सर सिलानियों की भीड रहती है. उसी प्रकार मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प, सिमाडोह, कोलखास, अचलपुर तहसील से सटकर मुक्तागीरी, धारखोरा, मोर्शी तहसील में सिंबोरा डैम, चांदुर रेलवे में मालखेड रेलवे तालाब, वरुड तहसील में ब्रिटीशकालिन महेंद्री वनोद्यान, अमरावती शहर में छत्री तालाब, वडाली तालाब आदि पर्यटन स्थल है.