Farmers
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    निफाड. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने इस साल ई-फसल सर्वेक्षण (E-Crop Survey) एप लॉन्च (App Launch) किया है। ई-फसल सर्वेक्षण नामक एक संयुक्त परियोजना राजस्व विभाग (Revenue Department) और कृषि विभाग (Agriculture Department) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है। 15 अगस्त को गणेश ने ‘मेरा कृषि, मेरा सातबारा, मेरा फसल पेरा’ के नारे के आधार पर सरकार द्वारा शुरू की गई फसलों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। राज्य के कुछ जिलों में किसानों ने फसल निरीक्षण एप पर प्रतिक्रिया दी है।

    कुछ जगहों पर राजस्व प्रशासन को किसानों में जागरूकता पैदा करने के लिए फसल निरीक्षण एप का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। निफाड़ तहसील में भी तहसीलदार शरद घोरपड़े फसल निरीक्षण एप का उपयोग करने की अपील कर रहे हैं। किसानों को ई-फसल सर्वेक्षण एप के जरिए पंजीकरण के लिए एक माह का समय दिया गया है। फसल सर्वेक्षण एप से पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 सितंबर है। सातबारा उतारे पर खरीफ फसल का ऑनलाइन पंजीयन होने में महज 5 दिन शेष हैं। निफाड़ के तहसीलदार शरद घोरपड़े ने गांवों के किसानों से अपील की है कि वे इस एप के जरिए अपनी फसल का पंजीकरण कराएं।

    किसानों को बांध पर शिक्षित कर रहे हैं

    निफाड़ तहसील में राजस्व विभाग के अधिकारी सीधे किसानों को बांध पर शिक्षित कर रहे हैं। कॉलेज छात्रों को ई-फसल पंजीकरण में प्रशिक्षित कर रहे है। यदि अगले 5 दिनों तक इस एप के माध्यम से कोई पंजीकरण नहीं किया जाता है, तो सरकार को प्राकृतिक आपदा योजना से वित्तीय सहायता वापस लेनी होगी।

    पंजीकरण कराने की अपील

    निफाड़ तहसील जिसे कृषि तहसील के रूप में जाना जाता है, यहां 28,000 किसान हैं। 24 दिनों के बाद भी, किसानों ने ई-फसल सर्वेक्षण का प्रतिसाद नहीं दिया है। 7500 किसानों ने ही ई-फसल के लिए पंजीकरण कराया है। तो अब तहसीलदार शरद घोरपड़े स्वयं गांवों में जाकर किसानों को इस ई-फसल निरीक्षण एप से अवगत कराकर खरीफ फसल का पंजीकरण कराने की अपील कर रहे है।

    देश का मार्गदर्शन करेगा ई-फसल सर्वेक्षण

    ई-फसल सर्वेक्षण एप मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा लॉन्च किया गया था। उस समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि ई-फसल सर्वेक्षण एप देश के लिए मार्गदर्शक होगा। आज मौसम हर दिन बदल रहा है। कभी तेज बारिश से तो कभी बारिश नहीं होने से फसलों को नुकसान होता है। ऐसे में सरकार को किसानों को मुआवजा देने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है क्योंकि उस समय पंचनामा करना मुश्किल होता है। लेकिन यह डिजिटल सिस्टम किसानों की ज्यादा मदद करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्हें खुशी है कि ई-फसल निरीक्षण परियोजना किसानों के जीवन को आसान और सरल बनाने को प्राथमिकता दे रही है।