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  • एसीबी की कार्रवाई

औरंगाबाद. बोली के अनुसार बिना तकलीफ के रेत की यातायात करने के अलावा तहसीलदार  द्वारा रेत के साथ जब्त किया वाहन वापस लौटाने के लिए पौने पांच लाख की रिश्वत मांगनेवाले जिले के बिडकीन थाना के एपीआई और पीएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है. आरोपी पुलिस अधिकारियों को एसीबी की कार्रवाई का होने का शक होने पर उन्होंने रकम नहीं स्वीकारी. परंतु, उन दोनों अधिकारियों ने रिश्वत मांगने के सारे सबूत एसीबी के पास होने के चलते उन दोनों अधिकारियों पर मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया.

पौने पांच लाख रुपए मांगी थी रिश्वत

एसीबी के प्रभारी एसपी अनिता जमादार ने बताया कि शिकायतकर्ता की खेती और रेत यातायात का व्यवसाय है. इस क्षेत्र के तहसीलदार ने गत दिनों अवैध रेत करनेवालों पर कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर रेत और वाहन जब्त किया था. चितेगांव के मियाभाई की तहसीलदार ने जब्त की रेत बोली के अनुसार खरीदी कर रेत की बिना तकलीफ के यातायात करने के लिए एपीआई बनसोडे और पीएसआई दिलवाले ने पौने पांच लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी. रिश्वत देने की इच्छा न होने से शिकायतकर्ता ने जालना एसीबी कार्यालय में शिकायत दी. इसी शिकायत पर एसीबी ने दो गवाह भेजकर रिश्वत मांगने के मांग की जांच की. तब  बिडकीन थाना में कार्यरत एपीआई राजेन्द्र बनसोडे और पीएसआई बाबासाहाब दिलवाले ने पौने पांच लाख की रिश्वत मांगी.

पकड़े जाने के शक में नहीं ली रिश्वत

शिकायतकर्ता ने रिश्वत कब लाकर देना है, यह पूछने पर उन दोनों अधिकारियों को शक हुआ. उन्होंने रिश्वत लेने से इंकार किया. परंंतु, उन दोनों अधिकारियों ने रिश्वत मांगने के कई सबूत होने के चलते उन दोनों अधिकारियों पर बिडकीन थाना में मामला दर्ज कर उन्हें  गिरफ्तार किया गया. यह कार्रवाई एसीबी के औरंगाबाद रेंज के प्रभारी एसपी अनिता जमादार, जालना यूनिट के उपाधीक्षक रवीन्द्र निकालजे के मार्गदर्शन में  पीआई एसएस ताठे ने पूरी की.