औरंगाबाद मनपा को मिला विशेष दर्जा

  • नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे का निर्णय
  • ऊंची इमारतों के निर्माण का रास्ता साफ

औरंगाबाद. नए विकास नियंत्रण नियमावली यानी डीसी रुल्स में औरंगाबाद मनपा (Aurangabad Municipal Corporation) को सरकार ने ‘ड’ दर्जा दिया था. मंगलवार को राज्य के नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने मुंबई शहर के व्यावसायिक संगठन क्रेडाई तथा आर्किटेक्ट संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक लेकर औरंगाबाद को नागपुर, नाशिक तथा पिंपरी चिंचवड शहर जैसा दर्जा देने का निर्णय लिया. इस निर्णय से शहर में ऊंची इमारतों के निर्माण में मर्यादाएं नहीं रहेंगी.

बता दे कि शहर के मशहूर बिल्डर नितिन बगाडिया तथा सलीम पटेल ने ऊंची इमारतों के निर्माण करने के लिए सरकारी स्तर पर भरपूर प्रयास किए. उनके प्रयासों के चलते नगर विकास मंत्रालय ने औरंगाबाद में ऊंची इमारतों के निर्माण के लिए परमिशन दी है. बिल्डर सलीम पटेल इन दिनों मिटमिटा परिसर में मुंबई हाईवे पर भव्य 14 मंजिल इमारत का निर्माण कर रहे हैं. वहीं शहर के एक अन्य बिल्डर नितिन बगाडिया द्वारा भी चिकलथाना एयरपोर्ट के सामने भव्य इमारतों का निर्माण कार्य जारी है.

बिल्डरों ने समझाया शिंदे को औरंगाबाद का महत्व

बिल्डर सलीम पटेल ने बताया कि मैंने और नितिन बगाडिया ने राज्य के नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे को औरंगाबाद के महत्व से अवगत कराया. हमने शिंदे को बताया कि औरंगाबाद मराठवाड़ा की राजधानी है. इस शहर का विस्तार तेजी से हो रहा है. सरकार ने औरंगाबाद को डिसी रूल्स में अन्य कैटगिरी में डाला है. इससे मुंबई, पुणे, नागपुर के बिल्डर यहां आकर काम करने में दिलचस्पी नहीं दिखाते.

बिल्डर सलीम पटेल तथा नितिन बगाडिया द्वारा औरंगाबाद के महत्व को समझाने पर नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने तत्काल औरंगाबाद को नागपुर, नाशिक, पिंपरी चिंचवड शहरों का दर्जा दिया. बिल्डर सलीम पटेल ने बताया कि सरकार के इस निर्णय से औरंगाबाद शहर में ऊंची इमारतों का निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. ऊंची इमारतों के निर्माण के लिए कोई मर्यादा नहीं रहेंगी. अब तक शहर में सिर्फ 15 मंजिलों के निर्माण की परमिशन मनपा द्वारा दी जाती थी. ऊंची इमारतों के निर्माण के लिए अग्निशमन विभाग के परमिशन लेना अनिवार्य रहेगा. बैठक में सिडको प्रशासन तथा महानगर पालिका के बीच एफएसआई को लेकर जारी विवाद पर चर्चा हुई.  

बिना घोटाले वाली फाइलें मनपा को वापस मिलेंगी

उधर, नगरविकास मंत्रायल ने मनपा के टीडीआर से संबंधित 234 फाइलों को अपने कब्जे में लिया है. गत चार साल से ये फाइलें सरकार के पास धूल खा रही हैं. नए टीडीआर लोड करने के लिए कई  अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है. विवादित मामलों की फाइल सरकार अपने पास रखें, बिना विवादित फाइलें मनपा को वापिस करने का निर्णय बैठक में लिया गया.

इनकी रही उपस्थिति

बैठक में विधायक संजय सिरसाठ, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव भूषण गगराणी, राज्य के नगर रचना विभाग के संचालक नागनुरे, उपसचिव शिंदे उपस्थित थे.