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औरंगाबाद. शहर के छावनी परिसर के नागरिकों की ओर बड़े पैमाने पर संपत्ति व पेयजल करों की राशि बकाया है। पिछले एक करीब साल से करों की बकाया वसूली में भारी गिरावट आयी है। जिससे छावनी परिसर में किए जान वाले विकास कार्यों को ब्रेक लगा है।

ऐसे में छावनी प्रशासन  (Cantonment administration) ने बकायादारों  से बकाया करों की राशि वसूलने 14 से 24 दिसंबर के दरमियान विशेष वसूली अभियान शुरू किया है।  बकाएदारों ने बकाया करों की राशि भरकर छावनी प्रशासन को सहकार्य करने की अपील औरंगाबाद छावनी परिषद Aurangabad (Cantonment Board) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रांत मोरे ने की।

उन्होंने बताया कि छावनी वासियों की ओर लाखों  रुपए करों की राशि के रुप में बकाया है। पिछले करीब एक साल से वसूली कम होने से छावनी की तिजोरी खाली पड़ी है। छावनी वासियों की ओर संपत्ति कर के रूप में करीब एक करोड़ तथा पेयजल कर के रूप में करीब एक करोड़ इस तरह करीब दो करोड़ की राशि बकाया है। इतने बड़े पैमाने पर करों की राशि छावनी वासियों की ओर बकाया होने से छावनी प्रशासन को विकास कार्य करने में कई दिक्कते आ रही है।

30 दिसंबर तक जमा करें बकाया राशि

सीईओ विक्रांत मोरे ने बताया कि करों की बकाया राशि वसूलने के लिए छावनी प्रशासन द्वारा सोमवार से विशेष वसूली अभियान शुरू किया गया है, जो 24 दिसंबर तक चलेगा। छावनी वासी बकाया करों की राशि प्रशासन द्वारा शुरू की गई विशेष वसूली मुहिम में अदा करें। छावनी के बकाएदारों ने 30 दिसंबर तक बकाया राशि अदा नहीं की तो उन पर छावनी अधिनियम 2006 की धारा 100, पहली अनुसूची के अनुसार कार्रवाई करने की चेतावनी सीईओ विक्रांत मोरे ने दी।