Online guidance on lifestyle after covid

    औरंगाबाद. कोरोना के साथ, कोरोना पर मात यह ध्येय वाक्य लेकर महाराष्ट्र प्रदेश माहेश्वरी सभा के महिला संगठन एवं युवा संगठन द्वारा राज्य भर के प्रसिद्ध डॉक्टरों के माध्यम से  पूरे समाज को कोरोना (Corona) से बचने व उसके चपेट में आने पर किए जानेवाले उपाय योजनाओं पर जानकारी देने के लिए ऑनलाइन (Online) मार्गदर्शन का उपक्रम लिया।  ऑनलाइन मार्गदर्शन में मुंबई से डॉ. शशांक जोशी, नागपुर से डॉ. अभा बंग, ठाणे से डॉ. लकी कासत, डॉ. प्रीतम चांडक ने हिस्सा लेकर मार्गदर्शन किया। मुंबई के मशहुर डॉ. शशांक जोशी ने कोरोना से बचने वैक्सिन जरुरी होने पर बल दिया। योग और प्राणायाम करने के साथ ही 8 घंटे निंद लेने की जरुरी बताया।

    डॉ. जोशी ने दावा किया अगले वर्ष अप्रैल माह में कोरोना महामारी का पूरी तरह खात्मा होगा। उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जतायी। उन्होंने कहा कि मराठवाडा तथा विदर्भ में कोरोना अलग टाइप का पाया जा रहा है। ठाणे के डॉ. लकी कासात ने कहा कि  जिन स्थानों पर अधिक लोग काम करते है, वहां पहले टीकाकरण जरुरी है। विशेषकर, बंद स्थान जैसे लिफ्ट, कैबिन, ट्रैन में कोरोना से प्रभावित होने से बचने के लिए मास्क पहने रखें। कोरोना की तीसरी लहर में 20 से 25 प्रतिशत बच्चे प्रभावित हो सकते है। अब तक जो बच्चे कोविड से पीडि़त हुए, उनमें मामूली कोविड का असर देखा गया। 

    डॉ. प्रीतम चांडक ने कहा कि बच्चों को घरों के कामों में व्यस्त रखें। स्कूल और कॉलेज बंद होने से बच्चे बोर हो चुके है। ऐसे में उन बच्चों को अंतर्गत खेल में शामिल कर उन्हें प्रसन्न रखने का प्रयास करें। जब जरुरी है, तब उन्हें आश्वासन दे। अपने बच्चों को आश्वासन देना काफी महत्वपूर्ण है। उनके चिंताओं को सुनकर कोविड को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देने का प्रयास करें। नागपुर की आभा बंग ने कहा कि कोविड को लेकर जारी लॉकडाउन का उपयोग भविष्य के नियोजन व्यवसाय का  डिजीटल विस्तार तथा परिवार के साथ गुजारने के लिए करें। अपना मन निरोगी रखने के लिए सकारात्मक विचार तथा हंस खेलकर समय गुजारे। तब जाकर ही हम इस महामारी के चपेट में आने से बच पाएंगे।