केन्द्र सरकार की नीतियों का विरोध

  • महाराष्ट्र राज्य बिजली मंडल अधिकारी संगठन कर्मियों ने पहना काला फीता

औरंगाबाद. केन्द्र सरकार के ऊर्जा क्षेत्र के कामगार विरोधी नीतियों का महाराष्ट्र राज्य बिजली मंडल अधिकारी संगठन की ओर से महावितरण के औरंगाबाद परिमंडल में काला फीता लगाकर विरोध किया गया.  केन्द्र सरकार ने वर्तमान में बिजली कानून में बदलाव कर बिजली वितरण क्षेत्र में निजी करने का षडयंत्र रचा है. सरकारी बिजली वितरण कंपनियां फायदे में चलने के बावजूद फ्रंचायजी के नाम पर विविध राज्य में निजीकरण की नीति पर काम करने का विचार केन्द्र सरकार कर रही है.

महाराष्ट्र के नागपुर, जलगांव और औरंगाबाद में बिजली वितरण फ्रंचायजी प्रयोग किया गया, परंतु बिजली ग्राहकों को बेहतर सेवा न देते हुए उन्होंने कई समस्याएं निर्माण कर यहां से  पलायन किया. इसके बावजूद केन्द्र सरकार विविध राज्य में निजीकरण का प्रस्ताव देकर कामगारों के परेशान करने की नीति अपना रही है. 

बिजली वितरण क्षेत्र में निजीकरण का विरोध

इसके विरोध के रुप में महाराष्ट्र बिजली क्षेत्र के विविध कामगार संगठनों ने  एक दिन की हड़ताल की थी. उसके समर्थन में महाराष्ट्र राज्य बिजली मंडल अधिकारी संगठन की ओर से महावितरण के औरंगाबाद परिमंडल में कार्यरत अधिकारियों ने काला फिता लगाकर विरोध किया. इस अवसर पर केन्द्रीय संगठन सचिव संजय खाडे, परिमंडल अध्यक्ष अक्षय पाडसवान, परिमंडल सचिव सागर चव्हाण, प्रवीण बागुल, शिल्पा काबरा, चेतन वाघ, रोहित ठाकुर, राजेश डोणगांवकर, सुनील पावडे,पंकज उदावंत,राहुल शंभरकर, नितिन पारिपेल्ली, विलास मसके, प्रणेश सिरसाठ, नितिन पाडसवान, सुहास बोंडे, रत्नाकर जाधव, ललित लहभार, प्रशांत चांडगे उपस्थित थे.