इतिहास के पन्नों पर कैद होने की ओर अग्रसर है फैक्स सेवा

भंडारा (का). विज्ञान तथा तकनीकी युग में आधुनिक सुविधाओं के लैस सेवाएं एक के बाद एक करके शुरु हुई. सूचना तथा तकनीकी युग में नई सेवाओं को शुरू हो रही हैं, लेकिन इन नई सेवाओं के शुरु होते ही पुरानी सेवाएं बंद हो रही हैं. इन्हीं पुरानी सेवाओं में एक है फैक्स सेवा. भंडारा के शहरी इलाकों में यह सेवा बंद होने की कगार पर है. डाक-तार-टेलिफोन जैसी सेवाओं में से तार सेवा तो पूरी तरह के बंद हो गई, जबकि डाक तथा टेलिफोन सेवाएं भी धीरे-धीरे इतिहास के पन्नों पर कैद होने की कगार पर आ गई हैं. मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप जैसे साधन संदेश भेजने का सशक्त माध्यम बन गए हैं. इस वजह से पत्र, तार टेलिफोन की उपयोगिता अपने आप समाप्त हो गई. भंडारा जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक साधनों का उपयोगिता ज्यादा बढ़ गई है.

भंडारा जिले में भी राज्य के अन्य जिलों की तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस इलेक्ट्रानिक्स वस्तुओं के उपयोग करने वालों की संख्या अच्छी खासी है, इसलिए तो इलेक्ट्रिक मशीन के सहयोग से भेजे जाने वाले संदेश पत्र यानि फैक्स. किसी दौर में कार्यालयीन कामकाज के वक्त किसी को लिखित संदेश भेजने का सबसे सशक्त साधन फैक्स सेवा ही हुआ करती थी. सरकारी, अर्द्धसरकारी, सरकारी अस्पतालों, शेयर बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में फैक्स सेवा का अहम रोल होता था.

किसी दौर में फैक्स सेवा का काम बिल्कुल वैसा ही था, जैसा आज कंप्यूटर तथा मोबाइल के माध्यम से किया जा रहा है. मोबाइल के कारण डाक, तार, टेलिफोन, पेजर जैसे संदेश देने वाले साधनों की जरूरत ही नहीं रह गई. इतना ही नहीं कैमरा, रेडियो जैसे साधनों को भी मोबाइल ने महत्वहीन कर दिया है. कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा पद्धति को महत्व दिए जाने से शिक्षकों, पुस्तकों की उपयोगिता भी कम हो रही है. मोबाइल ने सूचना प्रसारण क्षेत्र को भी काफी हद तक प्रबावित किया है, मोबाइल पर नेट के माध्यम से समाचार पत्रों की उपलब्धता के कारण समाचार पत्र खरीदकर पढ़ने का चलन भी समाप्त हो गया है, इस सब परिस्थितियों में फैक्स जैसी सेवा का खत्म होना स्वाभाविक ही है.

फैक्स यानि फॉर अवे झेरॉक्स यह किसी समय विश्व के सर्वश्रेष्ठ अविष्कार के रूप में रह चुका है. 1865 में फैक्स मशीन का व्यापारिक उद्देश्य के लिए समावेश किया गया. देश में पहली बार फैक्स प्रणाली 1902 में प्रदर्शित की गई थी. इस फैक्स मशीन के माध्यम से विश्व में कहीं भी महत्वपूर्ण संदेश विश्व भर में कहीं भी भेजा जा सकता था. लेकिन जैसे- जैसे समय बदला, आधुनिक संसाधन जीवन का हिस्सा बने, पुराने दौर की सबसे अच्छी समझी जाने वाली सुविधाएं भी का के गाल में समा गई. भंडारा जिले में फैक्स जैसी सेवा अंतिम सांसें ले रही है और जिस तेजी से आधुनिक सेवाओं को अंगीकार करने का चलन बढ़ रहा है, उसके आधार पर अगर यह कहा जाए कि आने वाले दिनों में फैक्स सेवा इतिहास का विषय बन जाएगी तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा.