गडकुंभली पहाड़ी का सौंदर्य खतरे में

साकोली. सेंदूरवाफा से गडकुंभली तक विस्तारित गडकुंभली पहाड़ी की खुलेआम खुदाई का काम जारी है. इसके कारण पहाड़ी का सौंदर्य खतरे में पड़ गया है. अगर समय रहते इस पहाड़ी का खनन नहीं रोका गया तो इस पहाडी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा. साकोली से सेंदूरवाफा- गुडकुंभली मार्ग पर सुबह के समय घूमने के लिए कोई पैदल तो कोई साइरकिल से घूमते हुए दिखायी देते हैं. यहां की प्राकृतिक सुंदरता की ओर बरबस ही आकृष्ट होते हैं.

इस पहाड़ी की पिछले दिनों से खुलेआम खुदाई का काम जारी है. प्रगति कॉलोनी से लेकर पहाड़ी समाप्त होने तक इस पहाड़ी का अधिकांश हिस्सा खोदा गया है. प्रशासन का इस ओर ध्यान न देना किसी आश्चर्य से कम नहीं है. मनोहर भाई पटेल कॉलेज के एन्वोकेयर क्लब के अध्यक्ष डॉ एल पी. नागपुरकर का कहना है कि गडकुंभली पहाड़ी राष्ट्रीय संपत्ति है. उसका संररक्षण हर किसी को करना चाहिए. जो लोग पहाड़ी खोद रहे हैं, उनका खुला विरोद होना चाहिए. सामाजिक संगठनों को इस मुद्दे पर आवाज उठानी चाहिए.